केंद्र सरकार ने यात्रा से पहले राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म के टिप मांगने पर रोक लगा दी है। सरकार ने कहा कि यह नियमों के खिलाफ है। परिवहन मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि कोई भी टिप स्वैच्छिक होना चाहिए और उसे यात्रा खत्म होने के बाद ही दिया जाना चाहिए। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय ने एक अधिसूचना में कहा, ”इस तरह की प्रैक्टिस मोटर व्हीकल एग्रीगेटर गाइडलाइंस के मुताबिक, भ्रामक और धोखाधड़ी वाली है। साथ ही, यह उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 का उल्लंघन भी है।’
मोटरवाहन नियमों का उल्लंघन
मंत्रालय ने अधिसूचना में कहा, ”कुछ राइड एग्रीगेटर ऐप्स पर ‘Advance Tip’, ‘Choose an Add-on’ जैसे ऑप्शन दिखाए जा रहे थे। कुछ जगहों पर यह संदेश भी दिखाई दे रहा था कि टिप देने पर ड्राइवर के राइड स्वीकार करने की संभावना बढ़ सकती है।” मंत्रालय ने कहा कि इस तरह के फीचर मोटर वाहन एग्रीगेटर दिशानिर्देश, 2025 के नियमों के अनुरूप नहीं हैं। इसलिए सभी एग्रीगेटर्स को अपने मोबाइल ऐप और डिजिटल प्लेटफॉर्म की तुरंत समीक्षा कर जरूरी बदलाव करने को कहा गया है।
लुभाने वाले ऑप्शन नियमों के खिलाफ
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि ऐप पर ऐसा कोई संदेश, ऑप्शन या इंटरफेस नहीं होना चाहिए जिससे यात्री को लगे कि टिप देने से कैब जल्दी कन्फर्म होगी, ड्राइवर जल्दी राइड स्वीकार करेगा या बेहतर सर्विस मिलेगी। यानी टिप को राइड कन्फर्मेशन, ड्राइवर अलॉटमेंट, वेटिंग टाइम या सर्विस क्वालिटी से जोड़ना नियमों के खिलाफ होगा।
पूरी रकम ड्राइवर को मिलनी चाहिए
सरकार के निर्देश में टिप की रकम को लेकर भी महत्वपूर्ण नियम है। यात्री अगर राइड पूरी होने के बाद टिप देता है, तो टिप की पूरी रकम ड्राइवर को मिलनी चाहिए। एग्रीगेटर इसमें किसी तरह की कटौती नहीं कर सकता। इसके अलावा ऐप पर ऐसा कोई टिपिंग फीचर भी नहीं होना चाहिए जो भ्रामक, दबाव बनाने वाला या उपभोक्ता संरक्षण कानून के खिलाफ हो।

