
एक ही दिन में 2 बार आया भूकंप, पहले की 7.7 तो दूसरे की 6.5 रही तीव्रता
Indonesia Earthquake, (द भारत ख़बर), जकार्ता: इंडोनेशिया में शनिवार (15 अगस्त) सुबह आए 7.7 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने भारी तबाही मचा दी। भूकंप के इस झटके से देश अभी उभरा भी नहीं था कि शाम को 6.5 तीव्रता का दूसरा झटका महसूस किया गया है। 13 घंटे में दो भूकंप के झटकों ने भारी तबाही मचाई। कई इमारतें भी गिरीं। अब तक 38 लोगों के मौत की पुष्टि हुई है और कई लोग घायल भी बताए जा रहे हैं।
भूकंप के बाद नागेकेओ इलाके में समुद्र का पानी अचानक पीछे हट गया। इसे सुनामी का संकेत मानकर लोग घबराकर ऊंची जगहों की ओर भागने लगे। शुरूआत में कई तटीय इलाकों के लिए सुनामी की चेतावनी जारी की गई थी जिसे कुछ घंटे बाद हटा लिया गया। फिलहाल लोगों से सुरक्षित जगह पर रहने को कहा गया है।
क्षतिग्रस्त इमारतों में वापस न जाने की चेतावनी
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के मुताबिक, भूकंप स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 6 बजे आया। इसका केंद्र एंडे शहर से करीब 68 किलोमीटर दूर समुद्र के नीचे था। पहले भूकंप के बाद इलाके में कई आफ्टरशॉक भी दर्ज किए गए। इनमें 5.9, 5.6 और 6.1 तीव्रता के झटके शामिल थे। अधिकारियों ने लोगों से कहा कि वे फिलहाल क्षतिग्रस्त इमारतों में वापस न जाएं, क्योंकि तेज आफ्टरशॉक आ सकते हैं।
प्रार्थना के दौरान गिरी छत, पादरी दूसरी मंजिल से कूदे
सिक्का के सेंट पीटर मेजर सेमिनरी में सुबह की प्रार्थना चल रही थी, तभी सभा भवन की छत का एक हिस्सा गिर गया। सेमिनरी के रेक्टर रेव. गिडेलबर्टस टांगा ने बताया कि छात्र और नन घबराकर बाहर भागे। उन्होंने बताया कि जान बचाने की कोशिश में एक पादरी दूसरी मंजिल से कूद गए, जिससे उनके पैर में फ्रैक्चर हो गया।
अस्पतालों से मरीजों को बाहर निकाला गया
भूकंप के बाद एहतियात के तौर पर कई अस्पतालों से मरीजों को बाहर निकालना पड़ा। अस्पतालों के बाहर बिस्तर, आईवी स्टैंड और आॅक्सीजन सिलेंडर लगाए गए। कई जगह खुले में ही अस्थायी इलाज शुरू किया गया।
कई इमारतों को नुकसान, लोग ऊंची जगहों की ओर भागे
भूकंप के तेज झटके फ्लोरेस द्वीप के बड़े हिस्से में महसूस किए गए। शुरूआती रिपोर्ट के मुताबिक कई इमारतों को नुकसान पहुंचा। पूर्वी नुसा तेंगारा प्रांत के सिक्का की रहने वाली योहाना एम्बू ने बताया कि झटके लगते ही लोग जान बचाने के लिए ऊंची जगहों की ओर भागने लगे। उन्होंने मौमेरे बंदरगाह के टर्मिनल का प्रतीक्षालय भी गिरा हुआ देखा।
इंडोनेशिया में इतने भूकंप क्यों आते हैं
इंडोनेशिया करीब 17,500 द्वीपों का देश है। ये द्वीप प्रशांत महासागर के उस इलाके में हैं, जिसे रिंग ऑफ फायर कहा जाता है। यहां धरती के नीचे कई बड़ी भूगर्भीय प्लेटें मिलती हैं। ये प्लेटें लगातार खिसकती रहती हैं। जब दो प्लेटें आपस में टकराती हैं या एक प्लेट दूसरी के नीचे चली जाती है, तो धरती के अंदर जमा दबाव अचानक बाहर निकलता है। इससे भूकंप आता है।
इंडोनेशिया के आसपास समुद्र के नीचे भी ऐसी हलचल अक्सर होती रहती है। अगर समुद्र के नीचे तेज भूकंप आए और उससे समुद्र का पानी अचानक ऊपर-नीचे हो जाए, तो सुनामी आ सकती है।
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