Haryana Consumer Court Verdict: हरियाणा के रोहतक में एक iPhone 15 ग्राहक को लंबे समय तक फोन की खराबी से परेशान होना पड़ा। फोन में बार-बार गर्म होने, ब्लूटूथ कनेक्टिविटी और नेटवर्क जैसी समस्याएं आ रही थीं। ग्राहक ने कई बार एप्पल के अधिकृत सर्विस सेंटर से मदद लेने की कोशिश की, लेकिन समस्या ठीक नहीं हुई। अब रोहतक जिला उपभोक्ता आयोग ने Apple India को ग्राहक को ₹45,500 वापस करने का आदेश दिया है। इसके साथ कंपनी को ₹5,000 मानसिक परेशानी के मुआवजे और ₹5,000 मुकदमे के खर्च के रूप में भी देने होंगे। यह आदेश 7 अगस्त 2026 को आयोग ने दिया। आयोग ने यह भी कहा कि Apple यह साबित नहीं कर पाया कि फोन में ग्राहक ने कोई अनधिकृत बदलाव किया था।
64999 में खरीदा था आईफोन 15
मामला रोहतक के अधिवक्ता राजबीर फोगाट से जुड़ा है। उन्होंने जनवरी 2024 में ₹64,999 में आईफोन 15 खरीदा था। राजबीर का कहना था कि फोन खरीदने के बाद से ही उसमें कई समस्याएं आने लगी थीं। फोन जरूरत से ज्यादा गर्म होता था। ब्लूटूथ कनेक्शन में दिक्कत आती थी और नेटवर्क व कॉल ड्रॉप की समस्या भी बनी रहती थी। उन्होंने इन समस्याओं को लेकर एप्पल के अधिकृत ग्राहक सेवा केंद्र से संपर्क किया। शुरुआत में सर्विस सेंटर के कर्मचारी ने फोन की कुछ सेटिंग बदलीं और ग्राहक को बताया कि इसके बाद फोन ठीक से काम करेगा। राजबीर के मुताबिक समस्या बनी रही। इसके बाद वह दोबारा सर्विस सेंटर पहुंचे। उन्हें एप्पल के कस्टमर केयर नंबर पर संपर्क करने की सलाह दी गई।
29 अप्रैल 2024 को उन्होंने एप्पल कस्टमर केयर से बात की। फोन पर दिए गए निर्देश के अनुसार उन्होंने iPhone को अपडेट भी किया। उन्हें बताया गया कि अपडेट के बाद नेटवर्क और कॉल ड्रॉप की समस्या खत्म हो जाएगी। हालांकि अपडेट के बाद भी समस्या दूर नहीं हुई। इसके बाद राजबीर फिर सर्विस सेंटर पहुंचे। उन्हें iCloud स्टोरेज खरीदने की सलाह दी गई। उन्होंने 31 मई 2024 को ₹75 प्रति महीने के हिसाब से iCloud स्टोरेज भी खरीदा। इसके बावजूद फोन की समस्या ठीक नहीं हुई। उन्हें यह भी बताया गया कि शायद नेटवर्क कंपनी की वजह से दिक्कत आ रही है। इसके बाद उन्होंने अपना मोबाइल कनेक्शन Jio से Airtel में बदल लिया। यह बदलाव उन्होंने 29 मई 2024 को किया। फिर भी नेटवर्क और दूसरी समस्याएं बनी रहीं।
उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया
राजबीर का आरोप था कि बाद में अधिकृत सर्विस सेंटर ने भी उनकी समस्या का समाधान करने में मदद नहीं की। इसके बाद उन्होंने जिला उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज की। उन्होंने फोन बदलने या ₹64,999 की पूरी रकम वापस करने की मांग की। इसके अलावा उन्होंने मानसिक परेशानी, काम प्रभावित होने और मुकदमे के खर्च के लिए भी मुआवजा मांगा। एप्पल इंडिया ने ग्राहक के आरोपों को स्वीकार नहीं किया। कंपनी ने कहा कि फोन में कोई निर्माण संबंधी खराबी नहीं थी। कंपनी का दावा था कि फोन में अनधिकृत बदलाव किए गए थे। एप्पल के अनुसार सर्विस सेंटर की जांच में फोन के बटन में धूल, पीछे के कैमरे के लेंस और बैक ग्लास में अनधिकृत बदलाव, फोन के बाहरी हिस्से पर खरोंच और रियर माइक्रोफोन से जुड़ी समस्या मिली थी। एप्पल ने कहा कि उसकी एक साल की वारंटी अनधिकृत बदलावों से हुए नुकसान को कवर नहीं करती। कंपनी ने यह भी कहा कि ग्राहक को फोन की आगे जांच के लिए रिपेयर सेंटर भेजने का विकल्प दिया गया था, लेकिन उसने फोन जमा करने से इनकार कर दिया।
आयोग ने Apple की दलील क्यों नहीं मानी?
उपभोक्ता आयोग ने दोनों पक्षों की दलीलें और दस्तावेज देखे। आयोग ने पाया कि राजबीर ने फोन की खरीद का टैक्स इनवॉइस, फेल कॉल के स्क्रीनशॉट और जून 2024 की सर्विस जॉब शीट पेश की थी। जॉब शीट में फोन की नेटवर्क, ओवरहीटिंग और ब्लूटूथ कनेक्टिविटी से जुड़ी समस्याओं का जिक्र था। दूसरी तरफ एप्पल और उसके अधिकृत सर्विस सेंटर ने फोन में अनधिकृत बदलाव होने की बात कही थी। आयोग के मुताबिक कंपनी इस दावे को साबित करने के लिए पर्याप्त तकनीकी सबूत नहीं दे सकी। आयोग ने खास तौर पर इस बात पर ध्यान दिया कि एप्पल ने जिस इंजीनियर या तकनीशियन ने फोन की जांच की थी, उसका हलफनामा पेश नहीं किया। कंपनी ने कोई स्वतंत्र एक्सपर्ट रिपोर्ट या अन्य तकनीकी सबूत भी नहीं दिया, जिससे यह साबित हो सके कि फोन में वास्तव में अनधिकृत बदलाव किए गए थे। आयोग ने कहा कि केवल सर्विस जॉब शीट में कोई टिप्पणी लिख देना पर्याप्त नहीं है। उस टिप्पणी को साबित करने के लिए भरोसेमंद तकनीकी सबूत जरूरी है। आयोग के मुताबिक पेश की गई तस्वीरें भी अनधिकृत बदलाव को पूरी तरह साबित नहीं करती थीं।
एप्पल को कितने पैसे लौटाने होंगे?
आयोग ने ग्राहक को फोन की पूरी खरीद कीमत ₹64,999 लौटाने का आदेश नहीं दिया। आयोग ने फोन की कीमत में 30 प्रतिशत डेप्रिशिएसन यानी मूल्य में कमी को ध्यान में रखा। इसके बाद रिफंड की रकम ₹45,500 तय की गई। एप्पल इंडिया को इस रकम पर 10 जून 2024 से भुगतान होने तक 9 प्रतिशत सालाना ब्याज भी देना होगा। रिफंड के अलावा आयोग ने एप्पल को ₹5,000 मानसिक परेशानी और उत्पीड़न के लिए देने का आदेश दिया है। ₹45,500 के रिफंड के अलावा ग्राहक को कुल ₹10,000 अतिरिक्त मिलेंगे, साथ ही रिफंड की रकम पर निर्धारित अवधि का ब्याज भी देना होगा। आदेश के मुताबिक जब एप्पल भुगतान करेगा, तब राजबीर फोगाट को अपना iPhone 15 कंपनी को सौंपना होगा। आदेश की कॉपी मिलने के एक महीने के भीतर निर्देशों का पालन करना होगा।

