भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के पूर्व चेयरमैन एस. सोमनाथ को गुरुवार को रिजर्व बैंक के सेंट्रल बोर्ड में नियुक्त किया गया। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, जनवरी 2025 में ISRO से रिटायर हुए सोमनाथ को 20 अगस्त, 2026 से चार साल के लिए सेंट्रल बोर्ड में पार्ट-टाइम, नॉन-ऑफिशियल डायरेक्टर नियुक्त किया गया है।
रह चुके हैं ISRO के अध्यक्ष
अलग-अलग भूमिकाओं में अंतरिक्ष कार्यक्रम में योगदान देने वाले एयरोस्पेस इंजीनियर सोमनाथ को ISRO से रिटायर होने के बाद बेंगलुरु के पास लिबरल आर्ट्स यूनिवर्सिटी, चाणक्य यूनिवर्सिटी का चांसलर नियुक्त किया गया था। इस बीच, एक और बयान के अनुसार, RBI ने दिग्गज उद्योगपति आनंद महिंद्रा को भी सेंट्रल बोर्ड में पार्ट-टाइम, नॉन-ऑफिशियल डायरेक्टर के तौर पर अगले चार साल के लिए फिर से नियुक्त किया है।
रेवती अय्यर भी सेंट्रल बोर्ड में शामिल
सेंट्रल बोर्ड के अन्य सदस्यों में इंडियन ऑडिट एंड अकाउंट्स सर्विस की रिटायर्ड अधिकारी रेवती अय्यर शामिल हैं, जो बाद में सरकारी खातों के लिए डिप्टी कॉम्पट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल बनीं और थिंक टैंक ‘रिसर्च एंड इंफॉर्मेशन सिस्टम फॉर डेवलपिंग कंट्रीज’ (RIS) के डायरेक्टर जनरल सचिन चतुर्वेदी भी शामिल हैं।
सेंट्रल बोर्ड में गवर्नर संजय मल्होत्रा, डिप्टी गवर्नर स्वामीनाथन जे, पूनम गुप्ता, एससी मुर्मू और रोहित जैन, आर्थिक मामलों की सचिव अनुराधा ठाकुर और वित्तीय सेवा सचिव संजय लोहिया भी शामिल हैं।
एस. सोमनाथ की उपलब्धियां
डॉ. श्रीधर पणिक्कर सोमनाथ एक प्रसिद्ध भारतीय एयरोस्पेस इंजीनियर और रॉकेट वैज्ञानिक हैं, जिन्होंने ISRO के 10वें अध्यक्ष के रूप में कार्य किया है। उन्होंने जनवरी 2022 से जनवरी 2025 तक इसरो के अध्यक्ष, अंतरिक्ष आयोग के अध्यक्ष और अंतरिक्ष विभाग के सचिव का पद संभाला। उनके नेतृत्व और देखरेख में ही ऐतिहासिक चंद्रयान-3 मिशन सफलतापूर्वक चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरा था।
विशेषज्ञता
सोमनाथ को रॉकेट लॉन्च व्हीकल डिजाइन, सिस्टम इंजीनियरिंग और स्ट्रक्चरल डिजाइन में महारत हासिल है। उन्होंने पीएसएलवी और जीएसएलवी एमके-III (LVM3) जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में प्रमुख योगदान दिया है।

