
एनएमसी ने तैयार किए नए नियम
Unique ID For Doctors, (द भारत ख़बर), नई दिल्ली: राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग डॉक्टरों के लिए एक यूनिक आईडी नंबर शुरू करने की तैयारी में है। यह नंबर डॉक्टर की पढ़ाई, रजिस्ट्रेशन और प्रोफेशनल जानकारी को एक जगह जोड़ने में मदद कर सकता है। इसका मकसद डॉक्टरों की सही जानकारी को आसानी से पहचानना और फर्जी डॉक्टरों पर रोक लगाने की व्यवस्था को मजबूत करना है। राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी) ने नए मसौदा नियम तैयार किए हैं।
इसके तहत हर पंजीकृत डॉक्टर को नेशनल मेडिकल रजिस्टर में एक यूनिक आईडी नंबर मिलेगा। प्रस्ताव के तहत डॉक्टरों का एक राष्ट्रीय डिजिटल रिकॉर्ड भी तैयार होगा। इसमें रजिस्ट्रेशन, लाइसेंस की स्थिति और डॉक्टर के खिलाफ हुई अनुशासनात्मक कार्रवाई की जानकारी दर्ज रहेगी। यह रिकॉर्ड आॅनलाइन उपलब्ध होगा, जिसे मरीज और अस्पताल भी देख सकेंगे।
5 साल की होगी प्रैक्टिस लाइसेंस की वैधता
यह नंबर पूरे देश में मान्य होगा और इसके आधार पर डॉक्टर देश में कहीं भी इलाज कर सकेंगे। पहले से पंजीकृत डॉक्टरों को भी यूनिक आईडी दी जाएगी, इसके लिए उन्हें अपना रिकॉर्ड अपडेट करना होगा। राज्य मेडिकल रजिस्टर में रजिस्ट्रेशन होने के बाद नेशनल लेवल पर डॉक्टर की यूनिक आईडी बनेगी।
मसौदा नियमों के अनुसार, प्रैक्टिस लाइसेंस की वैधता पांच साल की होगी। इसके बाद डॉक्टर को संबंधित स्टेट मेडिकल काउंसिल में उसका नवीनीकरण कराना होगा। तीन महीने में आवेदन नहीं किया तो डॉक्टर का नाम स्टेट रजिस्टर में निष्क्रिय कर दिया जाएगा।
एक ही पोर्टल से होगा रजिस्ट्रेशन
आईएमए के डायरेक्टर अनिल नायक के मुताबिक, नए सिस्टम के तहत यूनिफाइड पैन इंडिया रजिस्ट्रेशन पोर्टल तैयार किया जाएगा। जिन राज्यों में पहले से डिजिटल रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था है, उन्हें इस राष्ट्रीय पोर्टल से जोड़ा जाएगा।
पुराने डॉक्टरों को भी मिलेगा यूआईडी
जो डॉक्टर पहले से इंडियन मेडिकल रजिस्टर या राज्य मेडिकल रजिस्टर में रजिस्टर्ड हैं, लेकिन उनके पास यूआईडी नहीं है, उनके लिए एक बार का अपडेट अभियान चलाया जाएगा। वे ईएमआरबी पोर्टल पर अपनी जानकारी अपडेट कर यूआईडी ले सकेंगे। इस प्रक्रिया के लिए ईएमआरबी की ओर से कोई फीस नहीं ली जाएगी।
एक ही जगह मिलगी डॉक्टर की पूरी जानकारी
सेंट्रल रिकॉर्ड बनने के बाद डॉक्टर के खिलाफ हुई अनुशासनात्मक कार्रवाई, लाइसेंस स्थिति समेत पूरी जानकारी एक ही जगह मिलेगी। डॉक्टर के खिलाफ लापरवाही की शिकायत पर जिस राज्य में मामला हुआ है, वहां की राज्य चिकित्सा परिषद जांच करेगी। अगर किसी दूसरे राज्य की काउंसिल डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई करती है, तो इसकी जानकारी एनएमआर में भी अपडेट होगी। साथ ही डॉक्टर के मूल राज्य के मेडिकल रजिस्टर में भी यह जानकारी अपने आप दर्ज हो जाएगी।
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