Uttar Pradesh News: मेरठ में दलित छात्रा ललिता गौतम हत्याकांड को लेकर हुए प्रदर्शन मामले में हिरासत में लिए गए समाजवादी पार्टी (सपा) नेता दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव ने शुक्रवार को पुलिस पर बर्बरता का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि गुरुवार को एसएसपी अविनाश पांडे और एसओजी इंस्पेक्टर अखिलेश गौड़ ने उन्हें एसओजी ऑफिस में लात-घूंसों और लाठियों से बड़ी बेरहमी से पिटाई की है।
जमानत के बाद लगाया आरोप
जमानत मिलने के बाद दोनों नेताओं को हिरासत से बाहर बात करने के लिए बुलाया गया था, जिस दौरान दिग्विजय भाटी की आंखें पर चोट के गहरे निशान दिखाई दिए। इस घटना के सामने आने के बाद एसएसपी अविनाश पांडे को पद से हटाकर लखनऊ मुख्यालय ट्रांसफर कर दिया गया।
भाटी ने क्या कहा?
किसान नेता दिग्विजय भाटी ने आरोप लगाया कि एसएसपी ने अपने चैंबर में करीब एक घंटे तक लात-घूंसों और जूतों से बेरहमी से पिटाई की। इसके बाद उन्हें एसओजी के हवाले कर दिया। एसओजी ऑफिस में इंस्पेक्टर अखिलेश गौड़ ने उन्हें उल्टा लटकाकर उनके तलवों, पीठ, कमर और शरीर के अन्य हिस्सों पर लाठी और फट्टों से पिटाई की गई।
मेरठ में मोहित जाटव और दिग्विजय भाटी के साथ पुलिस हिरासत में हुई बर्बरता कानून-व्यवस्था और पुलिस की जवाबदेही पर गंभीर सवाल करने वाली हैं।
पीड़ितों का आरोप है कि तत्कालीन SSP अविनाश पांडेय ने दोनों को अपने कार्यालय बुलाकर गालियां दीं और चैंबर बंद कर उनके साथ मारपीट की। इसके बाद… pic.twitter.com/g6PmBwMToj
— Chandra Shekhar Aazad (@BhimArmyChief) August 21, 2026
पुलिस ने दी यह सफाई
पुलिस ने कहा कि दोनों आरोपी हिस्ट्रीशीटर हैं और उन्हें चोट उस समय लगी जब दोनों स्कूटी से घर जा रहे थे। मामला सामने आने के बाद गुरुवार रात को एसएसपी को पद से हटाकर उन्हें लखनऊ पुलिस मुख्यालय भेज दिया गया।
घटना पर भड़का विपक्ष
नगीना लोकसभा क्षेत्र से सांसद चंद्रशेखर आजाद ने घटना की तीखी आलोचना करते हुए दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। वहीं, सपा ने भी इस घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि जिन्हें आरोपी बनाया गया है वे प्रदर्शन में शामिल भी नहीं थे, फिर भी उन्हें जबरदस्ती हिरासत में लेकर उनकी बर्बरता से पिटाई की गई। उन्होंने दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

