नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट टीम की तरफ से खेल चुके स्पिनर कर्ण शर्मा ने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी है. अपने करियर का आखिरी मुकाबला वो घरेलू दर्शकों के बीच यूपी टी20 लीग में खेलने जा रहा है. 25 अगस्त, मंगलवार को वो आखिरी बार बतौर खिलाड़ी किसी टीम की तरफ से खेलते नजर आएंगे. इसके बाद वह क्रिकेट में कोचिंग और अन्य जिम्मेदारियों से जुड़े रहने की योजना बना रहे हैं. कर्ण शर्मा इस समय कानपुर सुपरस्टार्स की टीम का हिस्सा हैं और उनका आखिरी मुकाबला मेरठ मावेरिक्स के खिलाफ लखनऊ के इकाना क्रिकेट स्टेडियम में होगा.
घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन का इनाम उनको चयनकर्ताओं ने टीम इंडिया में सलेक्शन के रूप में दिया था. भारतीय टीम के लिए इस स्पिनर को महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में डेब्यू करने का मौका मिला. कर्ण शर्मा को महज चार ही इंटरनेशनल मैच खेलने का मौका मिला. उन्होंने एक टेस्ट, दो वनडे और एक टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेला. इस दौरान वह सिर्फ 5 ही विकेट हासिल करने में कामयाब हो पाए. 12 साल पहले 2014 में ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान एडिलेड में टेस्ट डेब्यू किया था. इसी साल उन्होंने भारत के लिए वनडे और टी20 में भी भारतीय टीम की तरफ से खेलने का मौका पाया.
इंटरनेशनल क्रिकेट में फ्लॉप रहने के बाद भी घरेलू क्रिकेट में इस गेंदबाज को काफी मौके मिले. उन्होंने इंडियन प्रीमियर लीग में तीन अलग अलग टीम की तरफ से खेला और खिताब जीतने वाली टीम का हिस्सा रहे. उन्होंने मुंबई इंडियंस, चेन्नई सुपर किंग्स, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और सनराइजर्स हैदराबाद के लिए क्रिकेट खेला. आईपीएल करियर की बात करें तो उन्होंने कुल 90 मैच खेलकर 83 विकेट चटकाए. कर्ण शर्मा के नाम आईपीएल में एक अनोखा रिकॉर्ड दर्ज है. वह तीन अलग-अलग टीमों के साथ आईपीएल खिताब जीतने वाले इकलौते क्रिकेटर हैं.
कर्ण शर्मा ने 25 अगस्त को अपने आखिरी मैच के साथ ही क्रिकेट के हर फॉर्मेट को अलविदा कहने का फैसला कर लिया है. अपने इस लंबे करियर का अंत करते हुए उन्होंने अपने परिवार, बीसीसीआई, रेलवे, यूपीसीए और को अलावा उनको मौका देने वाले तमाम क्रिकेट संघ का शुक्रिया अदा किया.

