नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट टीम के युवाओं के अंदर आज कल मैदान पर जैसी आक्रामक नजर आती है उससे पूर्व क्रिकेटर सही नहीं मानते हैं. भारत और श्रीलंका के बीच खेली जा रही दूसरे टेस्ट के पहले दिन जो घटना हुई उसेक बाद यशस्वी जायसवाल का नाम एक बार फिर चर्चा में आ गया. उन्होंने आउट होने के बाद गेंदबाज असिथा फर्नांडो के उकसाने पर झड़प कर ली. वो लड़ने पहुंच गए और उनके साथ हद पार कर दी. इससे पहले इंडिया ए की तरफ से खेलने उतरे वैभव सूर्यवंशी ने भी श्रीलंका के खिलाड़ी को धक्का दिया था. भारत के पूर्व बल्लेबाज संजय मांजरेकर ने युवा क्रिकेटरों वैभव सूर्यवंशी और यशस्वी जायसवाल के मैदान पर व्यवहार पर नाराजगी जताई है.
जिस तरह से मैदान पर आक्रामक खेल ये खिलाड़ी दिखाते हैं वैसा ही आक्रामक स्वभाव भी रखते हैं. अगर कोई विरोधी खिलाड़ी कुछ कहता है तो ये उसपर प्रतिक्रिया देने से नहीं चूकते. यह बात खेल भावना के खिलाफ है. मांजरेकर का कहना है कि इस तरह की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई नहीं होने से खिलाड़ियों को अपना व्यवहार दोहराने का हौसला मिल सकता है.
Dear @icc & @bcci…
Vaibhav for Ind A recently & now Jaiswal… if you keep letting them get away with such behaviour, you train them to repeat such behaviour. It’s not good for the sport & crucially their own future too. 🙏— Sanjay Manjrekar (@sanjaymanjrekar) August 26, 2026
इसी साल जून में वैभव सूर्यवंशी श्रीलंका ए के खिलाफ ट्राई-सीरीज खेल रहे थे. मैच सुपर ओवर तक पहुंचा जहां भारत जीत हासिल करने में नाकाम रहा. वैभव ने मैच के दौरान एक खिलाड़ी को धक्का दिया था. अब कोलंबो टेस्ट में यशस्वी जायसवाल श्रीलंकाई तेज गेंदबाज असिथा फर्नांडो के साथ फीजिकल कॉन्टैक्ट बनाया. इस विवाद के सामने आने पर ICC की कार्रवाई करते हुए जुर्माना लगााय और डिमैरिट अंक भी उनके खाते में जोड़ा. जायसवाल पर ICC ने मैच फीस का 25 प्रतिशत जुर्माना लगाया था.
मांजरेकर ने ICC-BCCI को किया टैग
पूर्व भारतीय क्रिकेटर संजय मांजरेकर ने बुधवार, 26 अगस्त को भारतीय टीम के युवा खिलाड़ियों को मैदान झड़प को लेकर पोस्ट किया. उन्होंने X पर ICC और BCCI को टैग करते हुए कार्रवाई की मांग कर डाली. उन्होंने साफ तौर पर भारतीय खिलाड़ियों के खिलाफ कड़े एक्शन की बात की. उनका कहना था कि अगर वैभव और जायसवाल जैसे खिलाड़ियों को इस तरह मैदान पर किए गए अपने गलत व्यवहार के लिए बचते रहेंगे तो उन्हें इस तरह की चीजों के करने की आदत पड़ जाएगी.
मांजरेकर का साफ कहना था कि इससे सिर्फ इस खेल की छवि को नुकसान नहीं पहुंच रहा बल्कि इन युवा खिलाड़ियों के भविष्य के लिए भी अच्छा नहीं है. उनका कहना था कि ICC और BCCI से ऐसे मामलों बिल्कुल भी अनदेखा ना करे बल्कि गंभीरता से ले.जिससे कि युवा खिलाड़ियों को मैदान पर अनुशासन और खेल भावना का महत्व समझाया जा सके.

