नई दिल्ली. भारतीय टीम के खिलाफ टेस्ट सीरीज में एक तरफ जहां बाकी खिलाड़ियों ने घुटने टेक दिए हैं वहीं सोनल दिनुशा ने डटकर गेंदबाजों का सामना किया. पहले गॉल और अब कोलंबो टेस्ट में टीम इंडिया के खिलाफ शतकीय पारी खेलकर उन्होंने इतिहास रच दिया. इस सीरीज के दौरान अकेले ही इस एक खिलाड़ी ने श्रीलंका की लाज को बचाने की लड़ाई की है. टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में इससे पहले ऐसा प्रदर्शन नीचले क्रम में आकर किसी भी श्रीलंकाई बैटर ने नहीं किया था.
श्रीलंका क्रिकेट टीम भले ही भारत के खिलाफ कोलंबो टेस्ट मैच में फॉलोऑन बचाने में नाकाम रही लेकिन एक खिलाड़ी ने सबका दिल जीत लिया. सोनल दिनुशा ने भारत के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज में एक और शतकीय पारी खेली. दूसरे टेस्ट के चौथे दिन उन्होंने शानदार शतक लगाकर रिकॉर्ड बुक में अपना नाम दर्ज करा लिया. 25 साल के बाएं हाथ के बल्लेबाज ने बुधवार को शतक पूरा करने से महज 15 रन दूर थे. उन्होंने भारत के लिए डेब्यू कर रहे सारांश जैन के ओवर में तीसरी बॉल पर 2 रन लिया फिर छक्का और चौका लगाया. अगला ओवर लेकर प्रसिद्ध कृष्णा आए तो उनकी बॉल पर भी चौका जमा दिया. इसके साथ ही अपना शतक पूरा किया. 147 बॉल पर 8 चौके और 3 छक्के की मदद से इस सेंचुरी को पूरा किया.
A STAR IN THE MAKING! ⭐
Against all odds, Sonal Dinusha stood tall with a brilliant century to keep Sri Lanka’s hopes alive. 💪
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— Sony Sports Network (@SonySportsNetwk) August 26, 2026
दिनुशा ने कोलंबो टेस्ट मैच की पहली पारी में नंबर-7 पर बल्लेबाजी करते हुए 162 गेंद में 103 रन की पारी खेली. उनकी पारी के दम पर ही टीम 290 रन के स्कोर तक पहुंच पाई. बात गॉल में खेले गए पहले टेस्ट मैच की बात करें तो उन्होंने नंबर-6 पर बल्लेबाजी करते हुए 100 रन बनाए थे. दिनुशा भारत के खिलाफ नंबर-6 या उससे नीचे बल्लेबाजी करते हुए दो टेस्ट शतक लगाने वाले पहले श्रीलंकाई बल्लेबाज बन गए. इतना ही नहीं लगातार दो टेस्ट शतक जमाकर एक और रिकॉर्ड पर नाम लिखवाया. उन्होंने पूर्व क्रिकेट दलीप मेंडिस की बराबरी की जिन्होंने भारत के खिलाफ अपने पहले दो टेस्ट मैच शतक लगाया था. उन्होंने 1982 में भारत के खिलाफ अपना पहला टेस्ट खेला था और दोनों पारियों में शतक लगाए थे.

