नई दिल्ली. क्रिकेट की दुनिया में कई रिकॉर्ड बनते हैं जो एक साथ कई चेहरे पर खुशी लेकर आती है. हर पिता अपने बेटे के जरिए जीवन में अधूरे रहे सपने को पूरा करना चाहता है. ऐसी ही कहानी है केन रदरफोर्ड की जिनके बेटे हामिश रदरफोर्ड ने ख्वाब को सच किया. टेस्ट डेब्यू पर न्यूजीलैंड के इस बैटर को खाता भी खोलने का मौका नहीं मिला. वहीं बेटे ने अपने पहली ही मुकाबले में ऐसी पारी खेली जिसने रिकॉर्ड बुक में नाम दर्ज कराया.
न्यूजीलैंड के पिता पुत्र की जोड़ी ने अपने देश के लिए इंटरनेशनल मैच खेलने का गौरव हासिल किया. साल 1985 में केन रदरफोर्ड ने वेस्टइंडीज के खिलाफ अपना पहला मैच खेला था. वहीं बेटे हामिश रदरफोर्ड ने साल 2013 में इंग्लैंड के खिलाफ धमाकेदार टेस्ट डेब्यू किया. ये पल भावुक कर देने वाला क्योंकि बेटा मैदान पर बल्लेबाजी कर रहा था और पिता कमेंट्री बॉक्स में बैठ उसकी पारी को बयां कर रहे थे. ये दिलचस्प कहानी न्यूजीलैंड के रदरफोर्ड परिवार की है. पिता और बेटे के टेस्ट डेब्यू का सफर एक-दूसरे से बिल्कुल अलग रहा.
वेस्टइंडीज के दौरे पर साल 1985 में पहुंची न्यूजीलैंड की टीम का सामना मैल्कम मार्शल, जोएल गार्नर और माइकल होल्डिंग जैसे खतरनाक तेज गेंदबाज से हुआ था. केन रदरफोर्ड ने टेस्ट डेब्यू किया लेकिन दोनों पारी में बिना खाता खोले ही लौटना पड़ा. भले ही केन रदरफोर्ड के करियर का आगाज निराशाजनक रहा लेकिन आगे चलकर उन्होंने न्यूजीलैंड के लिए 56 टेस्ट खेले. उनके कप्तानी करने का मौका भी मिला.
पिता भले ही पहले टेस्ट की दोनों पारी में खाता नहीं खोल पाए और उनका ड्रीम डेब्यू करने का सपना अधूरा रह गया. 28 साल के बाद मार्च 2013 में केन के बेटे हामिश रदरफोर्ड को इंग्लैंड के खिलाफ डुनेडिन में टेस्ट डेब्यू का मौका मिला. पूरा परिवार पिता के डेब्यू की कहानी की वजह से चिंता में था. हामिश ने कड़वी यादों को भुलाकर ऐसी पारी खेली जो इतिहास के पन्ने में दर्ज हो गई. ओपनिंग करते हुए हामिश ने अपने पहले ही टेस्ट में शानदार 217 बॉल खेलकर 22 चौके और 3 छक्के की मदद से 171 रन की पारी खेल डाली. यह न्यूजीलैंड के किसी बल्लेबाज का टेस्ट डेब्यू पर दूसरा सबसे बड़ा स्कोर था.
जब हामिश ने मैदान पर इंग्लिश गेंदबाजों की चौके छक्के जमाते हुए शतक पूरा किया तो उनके पिता केन रदरफोर्ड कमेंट्री बॉक्स में मौजूद थे. वो शख्स जिसने अपने टेस्ट डेब्यू पर दोनों पारी में 0 और 0 का दर्द झेला था उसका सीना गर्व से चौड़ा हो गया. इस भावुक कर देने वाले पल ने उनकी आखों को नम कर दिया. वो इसे छलकने से नहीं रोक पाए.

