नई दिल्ली. क्रिकेट इतिहास में ऐसे कई बल्लेबाज हुए हैं जिन्होंने अपने देश के लिए टेस्ट क्रिकेट में रनों का अंबार लगाया लेकिन कभी छक्का नहीं लगा पाए. एक समय टेस्ट क्रिकेट को तकनीक और संयम के आधार पर मापा जाता था. बड़े शॉट्स लगाने की जगह पर बड़ी पारी खेलने पर बैटर का ध्यान होता था. ऑस्ट्रेलिया के महान बल्लेबाज डॉन ब्रैडमैन ने 99.94 की औसत से टेस्ट में बल्लेबाजी की और 6996 टेस्ट रन बनाए लेकिन पूरे करियर में सिर्फ 6 छक्के लगाए.
इस लिस्ट में 5वें नंबर पर इंग्लैंड के पूर्व बल्लेबाज जोनाथन ट्रॉट का नाम आता है. उन्होंने इंग्लिश टीम की तरफ से दमदार तकनीक और धैर्यपूर्ण बल्लेबाजी से दिग्गज बैटर की लिस्ट में जगह बनाई. उन्होंने 52 टेस्ट की 94 पारियों में 3835 रन बनाए. टेस्ट में उनके नाम इंग्लैंड के लिए 9 शतक हैं. कमाल की बात यह रही कि पूरे टेस्ट करियर में एक भी छक्का नहीं लगाया.
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान किम ह्यूज ने अपने करियर में कुल 70 टेस्ट मैच खेला. इस दौरान 9 शतक और 22 अर्धशतकीय पारी के दम पर 4411 रन बनाए. उनका नाम भी टेस्ट में कोई छक्का ना लगाने वाले बैटर की लिस्ट में शामिल है.
श्रीलंका के मिडिल आर्डर की जान रहे बल्लेबाज थिलन समरवीरा ने अपने देश के लिए 81 टेस्ट मैच खेला. इसमें 48.76 के शानदार औसत से 5462 रन बनाए. समरवीरा ने टेस्ट करियर में कुल 14 शतक लगाए लेकिन उनके बल्ले से सिर्फ 7 छक्के निकले.
पाकिस्तान के लिए कुल 76 टेस्ट खेलने वाले पूर्व सलामी बल्लेबाज मुदस्सर नजर का नाम भी टेस्ट में छक्का लगाने में मुश्किल का सामना करने वालों की लिस्ट में शामिल है. इस बैटर ने 4114 रन लेकिन पूरे टेस्ट करियर में उन्होंने सिर्फ 7 छक्के लगाए.
न्यूजीलैंड के ग्लेन टर्नर ने कुल 41 टेस्ट में 2991 रन बनाए और 73 पारियों में केवल 6 छक्के लगाए.

