यमुनानगर. हरियाणा के सरकारी स्कूल में माली की नौकरी करने वाला तरुण बच्चों को कैमिस्ट्री पढ़ा रहे हैं. स्कूल में जब बच्चों की पढ़ाई पर संकट आया तो माली तरुण चॉक उठाकर ब्लैकबोर्ड के सामने खड़ा हो गए और बच्चों को पढ़ाने लग गए.
दरअसल, यमुनानगर के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल व्यासपुर में कैमिस्ट्री शिक्षक को डेपुटेशन पर भेज दिया गया तो 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होने लगी. ऐसे वक्त में माली के पद पर कार्यरत तरुण इंदौरा ने कैमिस्ट्री पढ़ाने की जिम्मेदारी संभाल ली. एमए, बीएड, सीटीईटी, एचटीईटी और दो बार यूजीसी नेट क्वालीफाई कर चुके तरुण अब करीब तीन दर्जन बच्चों को पढ़ा रहे हैं. तरुण सुबह स्कूल में माली की ड्यूटी करते हैं और फिर बच्चों को पढ़ाते हैं.
बता. जा रहा है कि स्कूल में साइंस स्ट्रीम शुरू होने के बाद कैमिस्ट्री लेक्चरर की नियुक्ति हुई थी, लेकिन बाद में शिक्षक का पंचकूला के एक स्कूल में डेपुटेशन हो गया. जुलाई 2026 में प्रिंसिपल मीना कुमारी ने उपलब्ध स्टाफ की योग्यता और विषय संबंधी क्षमता का आंकलन किया. इसी दौरान सामने आया कि माली के पद पर कार्यरत तरुण इंदौरा के पास कैमिस्ट्री पढ़ाने की योग्यता और अनुभव रखते हैं.
तरुण ने पहले ट्रायल के तौर पर कक्षा ली और विद्यार्थियों को कठिन टॉपिक आसान तरीके से समझाए. बच्चों का फीडबैक सकारात्मक रहा, तो उन्हें पढ़ाने की जिम्मेदारी जारी रखी गई. आज वह करीब तीन दर्जन विद्यार्थियों को कैमिस्ट्री पढ़ा रहे हैं और सितंबर की परीक्षा को देखते हुए करीब 20 प्रतिशत पाठ्यक्रम पूरा भी करा चुके हैं.
तरुण की कहानी इसलिए खास है, क्योंकि शिक्षक बनने का सपना उनके अंदर पहले से था. 12वीं के बाद ही उन्होंने बच्चों को पढ़ाना शुरू कर दिया था. उनके पास एमए, बीएड, सीटीईटी और एचटीईटी टीजीटी जैसी योग्यताएं हैं और वह दो बार यूजीसी नेट भी क्वालीफाई कर चुके हैं. पहले आरएस बाल मंदिर इसराना में भी शिक्षण कार्य कर चुके हैं.
छात्रा वंशिका का कहना है कि तरुण सर कठिन से कठिन टॉपिक भी आसान भाषा और उदाहरणों के साथ समझाते हैं. वह बाद में टेस्ट भी लेते हैं. हमारा सिलेबस अच्छे से कवर हो रहा है और जब से सर आएं हैं, तब से परेशानी दूर हो गई है.
स्कूल की छात्रा वंशिका ने तरुण सर की तारीफ की.
उधर, तरुण इंदौरा ने बताया कि उनके पिता आर्मी में नौकरी करते थे और ऐसे में वह घर की जिम्मेदारी बतौर बड़ा बेटा होने के नाते वह निभाते रहे. उन्हें पढ़ाने का शौक रहा है. उन्होंने कहा कि उन्होंने देखा कि स्कूल में टीचर नहीं है और ऐसे में उन्होंने प्रिंसिपल से बात की तो उन्हें मौका दिया गया. वाइस प्रिंसिपल लवनेश बताते हैं कि तरुण हमारे माली की पोस्ट पर नौकरी करते हैं. लेकिन उनकी पढ़ाई नॉन मेडिकल से है और वह दोनों अपने काम बखूबी से कर रहे हैं. वह पूरी तरह से ट्रैंड टीचर हैं और क्वालिफाइड हैं.
