नई दिल्ली. भारतीय टीम के स्टार लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल अचानक अपने संन्यास की खबर से सबको चौंका दिया. हालांकि यह फैसला उन्होंने सिर्फ रेड बॉल फॉर्मेट के लिए लिया है. शुक्रवार को उन्होंने तत्काल प्रभाव से रेड-बॉल क्रिकेट यानी फर्स्ट क्लास से संन्यास लेने का ऐलान किया. टीम इंडिया की तरफ से उनके टेस्ट मैच खेलने का सपना अधूरा ही रह गया. चहल को भारत की टेस्ट टीम के लिए खेलने का मौका कभी नहीं मिला.
युजवेंद्र चहल ने भारतीय टीम की तरफ से वनडे और टी20 क्रिकेट में खेला लेकिन टेस्ट टीम में जगह नहीं बना पाए. उन्होंने अपना आखिरी फर्स्ट क्लास मुकाबला लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड में नॉर्थम्पटनशायर की ओर से खेला. चहल ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर इस फैसले की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि अब पूरा ध्यान भारत की वनडे और टी20 टीम में वापसी की कोशिश पर रहेगा. उन्होंने अपने करियर में 49 फर्स्ट क्लास मैच खेले और 32.27 की औसत से 148 विकेट हासिल किए. उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 25 रन देकर 6 विकेट रहा.
हाल ही में वह नॉर्थम्पटनशायर के लिए काउंटी क्रिकेट खेल रहे थे. लॉर्ड्स में मिडिलसेक्स के खिलाफ अपने आखिरी मुकाबले में उन्होंने दो विकेट लिए.36 साल के चहल ने 2026-27 सीजन में काउंटी चैंपियनशिप के पांच मुकाबलों में 21 विकेट लिए. उनका सबसे शानदार प्रदर्शन डरहम के खिलाफ रहा. उन्होंने कुल 9 विकेट चटकाए. इनमें पहली पारी में पांच विकेट भी शामिल थे.
चहल ने इंस्टाग्राम पर लिखा कि उन्होंने महज 10 साल की उम्र में अपनी पहली बॉल को हाथ में पकड़ा था. उन्होंने कहा, “पहली क्रिकेट गेंद जो मैंने कभी पकड़ी थी, वह लाल गेंद थी. मैं 10 साल का था और तब मुझे अंदाजा नहीं था कि मुझे इस खेल से कितना ज्यादा प्यार हो जाएगा. मेरे लिए रेड-बॉल क्रिकेट कभी सिर्फ एक और फॉर्मेट नहीं रहा. यहीं मैंने धैर्य, चरित्र, दृढ़ता और घंटों मैदान पर रहकर हर रन और हर विकेट के लिए लड़ने की खुशी का मतलब सीखा.”

