कुरुक्षेत्र. कहते हैं कि मेहनत, लगन और ईमानदार व्यवस्था हो तो साधारण परिवार का युवा भी असाधारण मुकाम हासिल कर सकता है. इस कहावत को सच कर दिखाया है गांव छपरा निवासी राहुल सैनी ने. राहुल सैनी ने हरियाणा सिविल सर्विस (एचसीएस) परीक्षा के 8 अक्टूबर को आए परिणाम में प्रदेश भर में 7वां रैंक हासिल कर न केवल अपने गांव और जिले का नाम रोशन किया है, बल्कि अपने दादा स्वर्गीय हरकेश चौधरी के सपने को भी साकार किया है.
राहुल की इस सफलता के बाद गांव छपरा में जश्न का माहौल है. परिजनों, रिश्तेदारों और ग्रामीणों का उनके घर बधाई देने के लिए तांता लगा हुआ है. राहुल सैनी ने कहा कि वे एचसीएस अधिकारी के रूप में ईमानदारी और निष्ठा से जनता की सेवा करेंगे और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे.
दादा स्व. हरकेश चौधरी के सपने को किया पूरा
राहुल सैनी के जीवन की यह सफलता भावनात्मक रूप से भी बहुत बड़ी है. राहुल के दादा स्व. हरकेश चौधरी का सपना था कि उनका पौता बड़ा अधिकारी बने और समाज व देश की सेवा करे. आज राहुल ने एचसीएस अधिकारी बनकर अपने दादा के उस सपने को पूरा कर दिया है. राहुल ने कहा कि आज दादा जी शारीरिक रूप से हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनका आशीर्वाद और उनके बताए संस्कार हमेशा मेरे साथ हैं. यह रैंक मैं उन्हीं को समर्पित करता हूं.
एग्रीकल्चर में ग्रेजुएशन और रुरल मैनेजमेंट में मास्टर डिग्री
राहुल सैनी की शैक्षणिक यात्रा भी काफी प्रेरणादायक रही है. उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा के बाद चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार से बीएससी (एग्रीकल्चर) की डिग्री प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने देश के प्रतिष्ठित संस्थान गुजरात के इरमा से रूरल मैनेजमेंट में मास्टर डिग्री हासिल की. ग्रामीण पृष्ठभूमि और कृषि की समझ ने उन्हें हमेशा जमीन से जोड़े रखा. जगाधरी से उन्होंने स्कूली पढ़ाई की.
राहुल सैनी के पिता सतीश कुमार हरियाणा सरकार में सीनियर लेखा अधिकारी के पद से सेवानिवृत हुए हैं. उनकी माता उषा रानी एक कुशल गृहिणी हैं, जिन्होंने हमेशा बेटे को पढ़ाई के लिए प्रेरित किया. राहुल की पत्नी किरणदीप कौर भी हाउस वाइफ हैं और उन्होंने हर कदम पर राहुल का साथ दिया. उन्होंने बताया कि परिवार के सहयोग के बिना यह मुकाम हासिल करना असंभव था.
राहुल के दादा स्व. हरकेश चौधरी का सपना था कि उनका पौता बड़ा अधिकारी बने और समाज व देश की सेवा करे.
नौकरी के साथ 5 साल तक रोज 5 घंटे पढ़ाई
युवाओं के लिए राहुल सैनी बने प्रेरणा
गांव छपरा के ग्रामीणों ने बताया कि राहुल बचपन से ही मेधावी और अनुशासित रहा है. उसकी यह सफलता पूरे क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा है. आज जब युवा सरकारी नौकरियों को लेकर भटकाव महसूस करते हैं, ऐसे में राहुल की कहानी बताती है कि पारदर्शी व्यवस्था में केवल और केवल मेहनत ही सफलता की कुंजी है.
