नई दिल्ली. पिछले कुछ दिनों से पूरे देश में भारत निर्वाचन आयोग चर्चा में बना हुआ है. अब ECI की तरफ से एक बड़ा ऐलान किया गया है. गुरुवार को 17 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में वोटर लिस्ट के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (Special Summary Revision-SSR) का आदेश दिया. इसका उद्देश्य नए मतदाताओं को लिस्ट में शामिल करना. उन लोगों को वोटर लिस्ट में जगह देना है, जिनके नाम विवादित विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) के दौरान छूट गए थे.
इस फैसले इसलिए भी इतना अहम माना जा रहा है क्योंकि SIR को लेकर देशभर में विवाद जारी है. विपक्षी दलों ने इस प्रक्रिया के दौरान मतदाताओं के नाम हटाए जाने पर सवाल उठाए हैं. जिन राज्यों में SSR कराया जाएगा, उनमें पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, पंजाब, बिहार और तमिलनाडु प्रमुख हैं. इन राज्यों में वोटर लिस्ट में नाम शामिल कराने के लिए 1 जनवरी 2027 निर्धारित की गई है. आयोग के कार्यक्रम के अनुसार, मतदाता सूची का मसौदा 12 नवंबर को प्रकाशित किया जाएगा. आखिरी लिस्ट 4 जनवरी 2027 को जारी की जाएगी. उत्तर प्रदेश और पंजाब में फरवरी 2027 तक विधानसभा चुनाव होने हैं.
News Alert! UP, Uttarakhand, Punjab, Manipur and Goa among 17 states where Special Summary Revision of electoral rolls will be held: EC.
— Press Trust of India (@PTI_News) October 15, 2026
चुनाव आयोग का यह आदेश मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच आया है. विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि इस प्रक्रिया में कई मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं. विवाद का एक प्रमुख मुद्दा फॉर्म-6 के साथ अतिरिक्त घोषणा पत्र जमा कराने की अनिवार्यता भी रहा है. SIR के दौरान नए मतदाताओं से मांगे गए इस घोषणा पत्र में उन्हें अपने माता-पिता का संबंध लगभग 20 साल पहले हुए पिछले SIR से जोड़कर बताना था. मौजूदा मतदाताओं के लिए भी इसी तरह की प्रक्रिया लागू की गई थी. विपक्षी INDIA गठबंधन और युवा संगठन कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) दिल्ली में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग की है.
15 अक्टूबर को जारी आदेश में आयोग ने 29 सितंबर को राज्य के अधिकारियों को दिए गए निर्देशों का हवाला दिया. इसमें छूट गए मतदाताओं, युवाओं और पहली बार मतदान के योग्य लोगों का रजिस्ट्रेशन पक्का करने के लिए विशेष अभियान चलाने को कहा गया था. SSR के दायरे में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, मणिपुर, पुडुचेरी, पंजाब, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल शामिल हैं. आयोग के आदेश के अनुसार, मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए फॉर्म-6 के माध्यम से आवेदन किया जाएगा. आदेश में SIR के दौरान मांगे गए अतिरिक्त घोषणा पत्र का कोई उल्लेख नहीं है.

