Mohammed Shami Test Retirement: भारतीय क्रिकेट के दिग्गज तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया है। शुक्रवार देर रात शमी ने सोशल मीडिया पर भावुक मैसेज शेयर कर अपने टेस्ट करियर को अलविदा कह दिया। 36 वर्षीय गेंदबाज ने 13 साल तक भारत की टेस्ट जर्सी पहनने के बाद यह फैसला लिया है। हालांकि उनके प्रशंसकों के लिए राहत की बात यह है कि शमी ने क्रिकेट से पूरी तरह दूरी बनाने का फैसला नहीं किया है। वह वनडे, टी20, घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में खेलना जारी रखेंगे। शमी ने अपने टेस्ट करियर में 64 मुकाबले खेले और 27.71 की औसत से कुल 229 विकेट हासिल किए। इस दौरान उन्होंने छह बार एक पारी में पांच या उससे अधिक विकेट लेने का कारनामा किया।
भावुक पोस्ट लिखकर दी संन्यास की जानकारी
मोहम्मद शमी ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर टेस्ट क्रिकेट से संन्यास की घोषणा करते हुए लिखा कि वह सफेद जर्सी को अलविदा कह रहे हैं, लेकिन उससे जुड़ी यादों को कभी नहीं भूलेंगे। उन्होंने कहा कि जब पहली बार भारत की टेस्ट जर्सी पहनी थी, तब उनका एक ही सपना था- देश के लिए खेलना। शमी ने अपने संदेश में लिखा कि हर विकेट, हर संघर्ष, हर चोट और हर वापसी ने उन्हें कुछ न कुछ सिखाया है। उन्होंने टेस्ट क्रिकेट को अपनी जिंदगी का बेहद खास हिस्सा बताते हुए भारी मन से इस प्रारूप से विदाई लेने की बात कही। साथ ही उन्होंने अपने साथियों, कोच, परिवार, बीसीसीआई, बंगाल क्रिकेट एसोसिएशन और करोड़ों प्रशंसकों का आभार जताया।
जिस तारीख को डेब्यू, उसी दिन लिया संन्यास
मोहम्मद शमी के टेस्ट करियर की सबसे दिलचस्प बात यह है कि उन्हें 6 नवंबर 2013 को वेस्टइंडीज के खिलाफ कोलकाता के ईडन गार्डंस में टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू का मौका मिला था। संयोग देखिए कि 6 नवंबर 2026 को ही उन्होंने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास का ऐलान किया। जिस तारीख को उन्होंने भारतीय टेस्ट क्रिकेट में कदम रखा था, उसी तारीख को इस सफर को विराम देने का फैसला किया। शमी ने उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में स्थित अपने गांव साहसपुर अलीनगर के फार्महाउस से साझा किए गए वीडियो संदेश में भी इस सफर को याद किया। उन्होंने बताया कि गांव से शुरू हुआ उनका क्रिकेट का सफर मेहनत, संघर्ष और कई उतार-चढ़ाव से भरा रहा। टेस्ट कैप और लाल गेंद ने उन्हें क्रिकेटर के रूप में एक अलग पहचान दी। मोहम्मद शमी ने अपना आखिरी टेस्ट मुकाबला जून 2023 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल में खेला था। इसके बाद चोटों और फिटनेस के कारण भारतीय टेस्ट टीम में वापसी नहीं कर सके।
64 टेस्ट, 229 विकेट और छह बार पांच विकेट
मोहम्मद शमी ने भारतीय टेस्ट क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बनाई। उन्होंने 64 टेस्ट मैचों की 122 पारियों में गेंदबाजी करते हुए 229 विकेट हासिल किए। उनका गेंदबाजी औसत 27.71 रहा। टेस्ट करियर में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 6 विकेट पर 56 रन रहा। उन्होंने छह बार एक पारी में पांच विकेट और 12 बार चार विकेट लेने का कारनामा किया। भारतीय टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले तेज गेंदबाजों की सूची में शमी छठे स्थान पर हैं। उनसे आगे कपिल देव (434 विकेट), जहीर खान (311 विकेट), ईशांत शर्मा (311 विकेट), जवागल श्रीनाथ (236 विकेट) और जसप्रीत बुमराह (234 विकेट) हैं।
दक्षिण अफ्रीका में भी दिखाया था गेंदबाजी का दम
मोहम्मद शमी के टेस्ट करियर की कई यादगार उपलब्धियों में दक्षिण अफ्रीका में किए गए प्रदर्शन खास रहे। 2018 के दक्षिण अफ्रीका दौरे पर जोहानिसबर्ग टेस्ट की दूसरी पारी में उन्होंने 28 रन देकर पांच विकेट हासिल किए थे। उनकी इस शानदार गेंदबाजी ने भारत को मुकाबला जिताने में अहम भूमिका निभाई। इसके बाद अगले दक्षिण अफ्रीका दौरे पर सेंचुरियन टेस्ट में भी शमी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए आठ विकेट अपने नाम किए। विदेशी परिस्थितियों में तेज गेंदबाजी और रिवर्स स्विंग से बल्लेबाजों को परेशान करने की उनकी क्षमता ने उन्हें भारतीय टीम के भरोसेमंद गेंदबाजों में शामिल किया।

