Delhi NCR Air Pollution: दिवाली से ठीक एक दिन पहले दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। राजधानी की हवा में प्रदूषण का स्तर बेहद खराब श्रेणी में बना हुआ है। हालात ऐसे हैं कि दिल्ली के कई इलाकों में AQI 400 के पार पहुंच गया है। इन क्षेत्रों में हवा गंभीर श्रेणी में दर्ज की जा रही है। प्रदूषण की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने 6 नवंबर को पूरे दिल्ली-NCR में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के तीसरे चरण यानी GRAP-3 को लागू कर दिया था। इसके बावजूद 7 नवंबर की सुबह प्रदूषण से राहत के संकेत नहीं मिले। शनिवार सुबह 5 बजे राजधानी का औसत AQI 367 दर्ज किया गया। सुबह 7 बजे औसत AQI 365 और 21 मॉनिटरिंग स्टेशनों पर हवा गंभीर श्रेणी में दर्ज की गई।
दिल्ली के किन इलाकों में सबसे ज्यादा प्रदूषण?
राजधानी के अलग-अलग मॉनिटरिंग स्टेशनों से मिले आंकड़े बताते हैं कि प्रदूषण की सबसे गंभीर स्थिति कई रिहायशी और व्यावसायिक इलाकों में बनी हुई है। 7 नवंबर की सुबह IIT दिल्ली में AQI 440 दर्ज किया गया। इसके अलावा पंजाबी बाग में 433, विवेक विहार में 425, जहांगीरपुरी में 421, मुंडका में 421, रोहिणी में 418, आरके पुरम में 414, नजफगढ़ में 412, सोनिया विहार में 412 और सिरिफोर्ट में 411 AQI दर्ज किया गया। इन सभी इलाकों में AQI 400 से ऊपर पहुंचने के कारण हवा गंभीर श्रेणी में बनी हुई है। सुबह 5 बजे 59 रिपोर्टिंग स्टेशनों में से 22 पर गंभीर श्रेणी की हवा दर्ज की गई थी।
पूरे एनसीआर में प्रदूषण का स्तर काफी ज्यादा
दिल्ली के साथ-साथ एनसीआर के अन्य शहरों में भी वायु प्रदूषण लोगों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। नोएडा का AQI 284, गाजियाबाद का 286, गुरुग्राम का 355 और फरीदाबाद का 347 दर्ज किया गया। इन आंकड़ों के मुताबिक गुरुग्राम और फरीदाबाद में हवा बेहद खराब श्रेणी में, जबकि नोएडा और गाजियाबाद में खराब श्रेणी में है। एनसीआर में प्रदूषण की स्थिति इसलिए भी चिंता बढ़ाती है, क्योंकि बड़ी संख्या में लोग रोजाना दिल्ली और आसपास के शहरों के बीच आवागमन करते हैं। वाहनों से निकलने वाला धुआं, निर्माण कार्यों की धूल और औद्योगिक गतिविधियां इस क्षेत्र की वायु गुणवत्ता को प्रभावित करती हैं।
GRAP-3 लागू होने के बाद भी राहत नहीं
दिल्ली-NCR में प्रदूषण की स्थिति बिगड़ने के बाद CAQM ने 6 नवंबर को तत्काल प्रभाव से GRAP-3 लागू कर दिया। इसके तहत पहले से लागू GRAP-1 और GRAP-2 के उपायों के साथ अतिरिक्त प्रतिबंध भी प्रभावी हो गए हैं। GRAP-3 के तहत गैर-जरूरी निर्माण और तोड़फोड़ की गतिविधियों पर रोक लगाई जाती है। इसके अलावा प्रदूषण फैलाने वाले कुछ पुराने वाहनों पर प्रतिबंध, धूल नियंत्रण के उपाय और औद्योगिक गतिविधियों की निगरानी भी सख्त की जाती है। दिवाली से पहले दिल्ली-NCR में प्रदूषण का इतना अधिक स्तर स्वास्थ्य के लिहाज से गंभीर चिंता का विषय है। खासकर छोटे बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और अस्थमा, हृदय रोग या सांस से जुड़ी बीमारियों से पीड़ित लोगों को अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है।

