नई दिल्ली. बिहार से वैभव सुर्यवंशी हर दिन कोई ना कोई नया कारनामा अंजाम दे रहे हैं. भारत के लिए 15 साल की उम्र में इंटरनेशनल मैच खेलकर इतिहास रचा और अब दलीप ट्रॉफी की कप्तानी से रिकॉर्ड बना डाला. भारतीय क्रिकेट के युवा स्टार ने रविवार को एक खास उपलब्धि अपने नाम कर ली. महज 15 साल की उम्र में उनको दलीप ट्रॉफी सेमीफाइनल में ईस्ट जोन की कमान संभालने का मौका मिला. चयनकर्ताओं ने ईशान किशन को टूर्नामेंट के लिए टीम का कप्तान बनाया था जबकि वैभव को उप कप्तान की जिम्मेदारी दी थी. मैच के दौरान ईशान के चोटिल होने पर वैभव ने कप्तानी संभाली.
दलीप ट्रॉफी के पहले मैच में वैभव सूर्यवंशी भले ही बल्ले से कमाल करने में नाकाम रहे थे लेकिन गेंदबाजी में जलवा बिखेरा. टीम को सेमीफाइनल में पहुंचाया और अब कप्तानी भी करते नजर आए. सेंट्रल जोन के खिलाफ मुकाबले में टॉस जीतकर ईस्ट जोन के कप्तान ईशान किशन ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया. ईस्ट जोन के गेंदबाजों ने शानदार शुरुआत करते हुए 63 रन पर तीन विकेट झटक लिए. पहले बैटिंग कर रही सेंट्रल जोन की टीम दवाब में आ गई. तेज गेंदबाज अभिजीत सरकार ने अपना फॉर्म जारी रखते हुए अमन मोकाडे का विकेट झटका और फिर कुणाल चंदेला को 6 रन पर आउट किया. मुकेश कुमार ने टीम को सबसे बड़ी सफलता कप्तान राजत पाटीदार का विकेट लेकर दिलाई.
CAPTAIN VAIBHAV SOORYAVANSHI 🔥
– Vaibhav Sooryavanshi is currently leading the Easy Zone team in Duleep Trophy. pic.twitter.com/cGaFDpceMD
— Johns. (@CricCrazyJohns) August 30, 2026
सेंट्रल जोन के खिलाफ मैच के पहले दिन पारी के 19वें ओवर में ईशान किशन चोटिल हो गए और ईस्ट जोन को बड़ा झटका लगा. विकेटकीपिंग करते हुए उनको एक तेज रफ्तार बॉल दाहिने हाथ की कलाई पर लगी. फिजियो उनकी मदद करने मैदान पर पहुंचे लेकिन दर्द ज्यादा होने की वजह से उन्होंने बाहर जाने का फैसला लिया. कुछ देर बाद उनकी कलाई पर पट्टी बंधी हुई दिखाई दी. कुमार कुशाग्र ने उनकी जगह विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी संभाली और वैभव सूर्यवंशी मैदान कप्तान की भूमिका में दिखे.
चयनकर्ताओं ने 15 साल की उम्र में जब वैभव सूर्यवंशी को दलीप ट्रॉफी में ईस्ट जोन का उप कप्तान बनाया तो काफी सवाल उठे थे. कमाल की बात है कि दूसरे ही मैच में नियमित कप्तान ईशान चोटिल होकर मैदान से बाहर गए और पहली बार इस युवा को सीनियर टीम की कमान संभालने का मौका मिला. वैभव के पास महज 10 फर्स्ट क्लास मैच ही खेलने का अनुभव है और दलीप ट्रॉफी में इसी टूर्नामेंट में उनका डेब्यू हुआ है.

