Haryana News: हरियाणा के यमुनानगर से रिश्वतखोरी का एक मामला सामने आया है। स्टेट विजिलेंस की टीम ने एनफोर्समेंट थाना में तैनात एएसआई रजनी को कथित तौर पर रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोप है कि माइनिंग से जुड़ी गाड़ियों को निकलवाने के बदले प्रति गाड़ी एक हजार रुपये की मांग की जा रही थी।
स्टेट विजिलेंस इंस्पेक्टर सतपाल देशवाल के अनुसार, शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि दस गाड़ियों को निकलवाने के लिए साढ़े नौ हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई थी। शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस टीम ने जाल बिछाया और निर्धारित कार्रवाई के दौरान एएसआई रजनी को कथित रिश्वत राशि के साथ गिरफ्तार कर लिया। विजिलेंस टीम ने मौके से रिश्वत की रकम बरामद करने की बात कही है। अब इस मामले में आगे की जांच की जा रही है। यमुनानगर में अवैध माइनिंग और उससे जुड़ी गाड़ियों की आवाजाही को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्टेट विजिलेंस की कार्रवाई में एनफोर्समेंट थाना की एएसआई रजनी की गिरफ्तारी हुई है।
विजिलेंस इंस्पेक्टर सतपाल देशवाल के मुताबिक, शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि रेत-बजरी से जुड़ी गाड़ियों को निकलवाने के लिए प्रति गाड़ी एक हजार रुपये लिए जा रहे थे। शिकायत के अनुसार, छह गाड़ियां पहले निकल चुकी थीं, जबकि चार अन्य गाड़ियों के लिए रकम मांगी गई थी। शिकायत के आधार पर विजिलेंस टीम ने कार्रवाई की और एएसआई को कथित तौर पर साढ़े नौ हजार रुपये लेते हुए गिरफ्तार किया।
विजिलेंस अब इस पहलू की भी जांच कर रही है कि क्या इस कथित रिश्वतखोरी में अन्य अधिकारी भी शामिल थे। हालांकि, अन्य अधिकारियों की संलिप्तता की अभी पुष्टि नहीं हुई है।

