नई दिल्ली. एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने धमाकेदार खेल दिखाया है. अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर टीम ने फाइनल में जगह बनाई. बुधवार (4 नवंबर) को मोहाली के बलबीर सिंह सीनियर इंटरनेशनल हॉकी स्टेडियम में भारत का सामना सेमीफाइनल मुकाबले में साउथ कोरिया से हुआ. भारत ने एकतरफा मुकाबले में 7-1 से जीत दर्ज की. इसके साथ ही भारतीय टीम ने टूर्नामेंट के इतिहास में रिकॉर्ड सातवीं बार फाइनल में पहुंचने का गौरव हासिल किया.
हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी में खेल रही टीम ने शुरू से ही अपना दबदबा बनाए रखा. हाफ टाइम में भारतीय टीम के पास 6-1 की बढ़त थी. इसके बाद तीसरे और चौथे क्वार्टर में भी टीम ने एक-एक गोल दागकर अपनी जीत सुनिश्चित की. भारत की ओर से शिलानंद लाकड़ा (3वें और 12वें मिनट) ने दो गोल किए. उनके अलावा कप्तान हरमनप्रीत सिंह (8वें मिनट), सुखजीत सिंह (20वें मिनट), दिलप्रीत सिंह (20वें और 24वें मिनट), अंगद बीर सिंह (35वें मिनट) और विवेक सागर प्रसाद (53वें मिनट) ने गोल दागे.
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— Hockey India (@TheHockeyIndia) November 4, 2026
इस जीत के साथ भारतीय टीम ने टूर्नामेंट में अपना अजेय अभियान भी जारी रखा. ग्रुप स्टेज में भारत ने अपने सभी पांच मुकाबले जीते थे. पांच बार की चैंपियन भारतीय टीम ने अपने अभियान की शुरुआत बांग्लादेश को 13-0 से हराकर की थी. इसके बाद चीन को 5-2, जापान को 4-1 और मलेशिया को 4-2 से शिकस्त दी. ग्रुप स्टेज के आखिरी मुकाबले में भी भारत ने दक्षिण कोरिया को 8-0 से हराया था.
साउथ कोरिया के खिलाफ जीत दर्ज करते ही भारत ने इतिहास रच दिया. एशियन चैंपियंस ट्रॉफी के इतिहास में सातवीं बार फाइनल में पहुंचने का रिकॉर्ड बनाया. इससे पहले भारतीय टीम 2011, 2016, 2018 (संयुक्त विजेता), 2023 और 2024 में खिताब जीत चुकी है. वहीं, 2012 में टीम को उपविजेता रहना पड़ा था. टूर्नामेंट के फाइनल में सबसे ज्यादा बार पहुंचने के मामले में भारत पहले से ही टॉप पर था. अब सातवीं बार खिताबी मुकाबले में पहुंचकर उसने अपना ही रिकॉर्ड और मजबूत कर लिया है. पाकिस्तान की टीम पांच बार फाइनल में पहुंचने के साथ इस सूची में दूसरे स्थान पर है.
भारतीय टीम अब गुरुवार (5 नवंबर) को मोहाली में खिताब के लिए जापान से भिड़ेगी. जापान ने पहले सेमीफाइनल में मलेशिया को पेनल्टी शूटआउट में हराकर फाइनल का टिकट कटाया. निर्धारित समय तक दोनों टीमों के बीच मुकाबला 0-0 से बराबर रहा था. जापान की टीम तीसरी बार इस टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंची है. उसे अब तक खिताब जीतने में सफलता नहीं मिली है. जापान को 2013 के फाइनल में पाकिस्तान और 2021 के खिताबी मुकाबले में दक्षिण कोरिया के हाथों हार का सामना करना पड़ा था.

