Parveen Hooda Wins Gold in Asian Games: हरियाणा के रोहतक जिले के रूड़की गांव की मुक्केबाज परवीन हुड्डा ने एशियन गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया है। परवीन ने महिलाओं के 65 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक जीत लिया। फाइनल में परवीन ने चीनी ताइपे की चेन निएन-चिन को कड़े मुकाबले में 3-2 के स्प्लिट डिसीजन से हराकर गोल्ड अपने नाम किया। इस जीत के साथ परवीन ने भारतीय महिला बॉक्सिंग में अपनी जगह और मजबूत की है। फाइनल से पहले परवीन ने चीन की ली शू को सेमीफाइनल में 5-0 से हराकर खिताबी मुकाबले में जगह बनाई थी।
फाइनल में ओलंपिक मेडलिस्ट को हराया
महिलाओं के 65 किग्रा वर्ग के फाइनल में परवीन का सामना चीनी ताइपे की अनुभवी मुक्केबाज चेन निएन-चिन से हुआ। चेन पेरिस ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता हैं और एशियन गेम्स के फाइनल तक पहुंचने से पहले उन्होंने उत्तर कोरिया की ह्वांग ह्यो-सुन को 3-2 से हराया था। फाइनल में मुकाबला बेहद करीबी रहा और आखिर में परवीन ने 3-2 के अंतर से जीत हासिल की। इस तरह उन्होंने अपने एशियन गेम्स अभियान का अंत स्वर्ण पदक के साथ किया।
सेमीफाइनल में चीन की बॉक्सर को दी मात
परवीन ने 29 सितंबर को महिलाओं के 65 किग्रा सेमीफाइनल में चीन की ली शू को 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से हराया था। उन्होंने मुकाबले के तीनों राउंड में नियंत्रण बनाए रखा और फाइनल का टिकट हासिल किया। इससे पहले क्वार्टरफाइनल में भी परवीन ने उज्बेकिस्तान की नवबहोर खामिदोवा को 5-0 से हराकर पदक पक्का किया था। खामिदोवा 2025 विश्व चैंपियनशिप की रजत पदक विजेता थीं।
वर्ल्ड बॉक्सिंग कप में भी जीता था गोल्ड
परवीन की इस सफलता को उनके हालिया प्रदर्शन की निरंतरता के तौर पर देखा जा सकता है। नवंबर 2025 में ग्रेटर नोएडा में आयोजित वर्ल्ड बॉक्सिंग कप फाइनल में उन्होंने महिलाओं के 60 किग्रा वर्ग में जापान की अयाका तागुची को 3-2 से हराकर स्वर्ण पदक जीता था। भारत ने उस प्रतियोगिता में कुल नौ स्वर्ण पदक जीते थे। इससे पहले 2022 में परवीन ने एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में 63 किग्रा वर्ग का गोल्ड जीता था। उन्होंने फाइनल में जापान की किटो माई को 5-0 से हराया था। उसी साल उन्होंने विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक भी हासिल किया था।
रूड़की गांव से एशियन गेम्स तक का सफर
परवीन का जन्म और शुरुआती जीवन रोहतक के रूड़की गांव में बीता। शुरुआती दौर में उनके परिवार के पास बॉक्सिंग के लिए जरूरी संसाधन सीमित थे। वर्ष 2011 में गांव के सरपंच सुधीर हुड्डा ने गांव में हैंडबॉल और बॉक्सिंग अकादमी शुरू की, जहां से परवीन ने इस खेल में आगे बढ़ना शुरू किया। परवीन ने मैरी कॉम और विजेंदर सिंह से प्रेरणा लेकर बॉक्सिंग को करियर बनाया। गांव में शुरू हुई इस अकादमी ने ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाली लड़कियों को प्रशिक्षण का अवसर देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। परवीन के शुरुआती सफर में आर्थिक चुनौतियां भी रहीं। एक समय उनके परिवार के लिए बॉक्सिंग ग्लव्स खरीदना भी आसान नहीं था। इसके बावजूद उन्होंने जूनियर स्तर से लेकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं तक लगातार अपनी पहचान बनाई। परवीन हुड्डा ITBP में असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत हैं।

