तेजवीर मावी के मुताबिक, कोट गांव की पहाड़ियों में कई जगह ऐसे पत्थर मिले हैं, जो करीब 4 से 5 फीट तक जमीन के अंदर दबे हुए हैं. राजस्थान में 15 फीट तक ऊंचे मेनहिर भी मिले हैं. कोट में मिले पत्थरों पर कई तरह की आकृतियां दिखाई देती हैं. इनमें पशु-पक्षियों और कुत्तों की कार्विंग भी शामिल हैं. इन निशानों को देखकर अंदाजा लगाया जा रहा है कि इस इलाके में उस समय मानव की गतिविधियां लंबे समय तक रही होंगी.
Previous Articleपंजाब कैबिनेट की बैठक में बड़े फैसले, स्टाफ नर्सों से जुड़े…
प्रमोद रिसालिया
प्रमोद रिसालिया एक अनुभवी राजनीतिक पत्रकार हैं, जो 'भारत खबर' वेब पोर्टल से जुड़े हुए हैं। उन्हें जमीनी राजनीति की बारीक समझ और तेज विश्लेषण के लिए जाना जाता है। प्रमोद लगातार राष्ट्रीय और क्षेत्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर रिपोर्टिंग और विश्लेषण करते हैं। उनकी लेखनी में तथ्यों की सटीकता और जन सरोकारों की गहराई साफ झलकती है। राजनीतिक घटनाक्रमों की रिपोर्टिंग के साथ-साथ वे चुनावी विश्लेषण और सत्ता के समीकरणों पर भी पैनी नजर रखते हैं।
मिलती जुलती ख़बरें
Add A Comment
