Bihar MP Gujarat UpChunav Result Live Update: बिहार की बांकीपुर, मध्य प्रदेश की दतिया और गुजरात की मांजलपुर विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव के नतीजे 3 अगस्त 2026 को घोषित किए जा रहे हैं। निर्वाचन आयोग के अनुसार सुबह 8 बजे से मतगणना शुरू होगी और शुरुआती रुझान पहले डाक मतपत्रों की गिनती के बाद सामने आने लगेंगे। इसके बाद ईवीएम के वोटों की गिनती होगी और दोपहर तक तीनों सीटों की तस्वीर काफी हद तक साफ होने की उम्मीद है। इन उपचुनावों पर पूरे देश की नजर है, क्योंकि इनके परिणाम से कई बड़े नेताओं की किस्मत का फैसला हो जाएगा। इन तीनों सीटों पर बीती 30 जुलाई को मतदान हुआ था। चुनाव आयोग ने मतगणना केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। काउंटिंग के प्रत्येक राउंड के बाद अपडेट चुनाव आयोग की वेबसाइट पर जारी किए जाएंगे।
बांकीपुर में PK पर टिकीं सभी की निगाहें
बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट का उपचुनाव भी काफी अहम माना जा रहा है। यह सीट बीजेपी के वरिष्ठ नेता नितिन नवीन के राज्यसभा सदस्य चुने जाने के बाद खाली हुई थी। इसके बाद निर्वाचन आयोग ने यहां उपचुनाव कराने का फैसला किया। बांकीपुर पटना शहर की प्रमुख शहरी सीट मानी जाती है और लंबे समय से बीजेपी का मजबूत गढ़ रही है। इस बार जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर बांकीपुर उपचुनाव के मैदान में उतरे थे, जिसकी वजह से सभी की नजरें इस सीट पर टिकी हैं। प्रशांत किशोर की पार्टी को बिहार में हुए विधानसभा चुनाव में एक भी सीट नहीं मिली थी, लेकिन इस बार पीके खुद चुनावी मैदान में हैं। इससे सीट पर मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है और नतीजे भी दिलचस्प हो सकते हैं। इस सीट पर लगभग 34.16 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। शहरी क्षेत्र होने के कारण यहां अपेक्षाकृत कम वोटिंग हुई, लेकिन राजनीतिक दलों का मानना है कि कम मतदान का असर परिणामों पर पड़ सकता है।
दतिया भी सबसे चर्चित सीट रही
मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट इस बार सबसे अधिक चर्चा में रही। यह सीट कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता समाप्त होने के बाद खाली हुई थी, जिसके कारण यहां उपचुनाव कराया गया। इस चुनाव को बीजेपी और कांग्रेस दोनों ने प्रतिष्ठा का प्रश्न बना लिया। बीजेपी ने इस सीट से बड़ा राजनीतिक फैसला लेते हुए पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटकर आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया। दूसरी ओर कांग्रेस ने अनुभवी नेता और पूर्व विधायक घनश्याम सिंह को मैदान में उतारा। टिकट बदलने के बाद बीजेपी में विरोध भी देखने को मिला, लेकिन बाद में पार्टी नेतृत्व ने एकजुट होकर चुनाव प्रचार किया। दतिया में करीब 71.44 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो तीनों सीटों में सबसे अधिक रहा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अधिक मतदान ने मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ने अपनी-अपनी जीत का दावा किया है।
मांजलपुर में BJP की प्रतिष्ठा दांव पर
गुजरात की मांजलपुर विधानसभा सीट भी बीजेपी के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यह सीट पहले बीजेपी के पास थी और पार्टी इसे अपने कब्जे में बनाए रखने की कोशिश कर रही है। दूसरी ओर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने भी इस सीट पर पूरा जोर लगाया। मांजलपुर शहरी विधानसभा क्षेत्र है और वडोदरा की प्रमुख सीटों में गिना जाता है। यहां विकास, बुनियादी सुविधाएं और स्थानीय मुद्दे चुनाव प्रचार के प्रमुख विषय रहे। मतदान के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। मांजलपुर में मतदान अपेक्षाकृत कम रहा और लगभग 34 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई। अब देखना होगा कि कम मतदान का फायदा किसे मिलता है।

