
अभी तक प्रदेश में सामान्य से 27 प्रतिशत कम बारिश, आने वाले दिनों में और भी ज्यादा बिगड़ सकते हैं आंकड़े
Haryana Monsoon Update (मेरा हरियाणा), चंडीगढ़ : हरियाणा इस बार मानसून में अच्छी बारिश के लिए तरस रहा है। बादल बनने के बावजूद बारिश नहीं हो रही। इससे न केवल प्रदेश में तापमान में वृद्धि दर्ज की जा रही है बल्कि किसानों को खरीफ की मुख्य फसल धान को पर्याप्त मात्रा में सिचांई कर पाना मुश्किल हो रहा है। जिससे कई जगह धान सूखने के कगार पर पहुंच चुकी है।
भारतीय मौसम विभाग की चंडीगढ़ शाखा द्वारा जो ताजा बुलेटिन जारी किया गया है उसमें बताया गया है कि प्रदेश में मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी बनी हुई है। मौसम विभाग की ओर से पूवार्नुमान के बावजूद शनिवार को भी अधिकांश क्षेत्रों में बारिश नहीं हुई। अगस्त का पहला दिन सूखा रहने के बाद अब आज, कल और 4 अगस्त को प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। इसके बाद 5 से 7 अगस्त तक फिर मानसून ब्रेक की स्थिति रह सकती है।
मौसम विभाग की भविष्यवाणी के बावजूद नहीं बरसे बदरा
मौसम विभाग ने 29 जुलाई से एक अगस्त तक अच्छी बारिश का अनुमान जताया था, लेकिन चारों दिन अधिकांश जिले सूखे रहे। शनिवार को केवल नारनौल में 6 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जबकि अन्य जिलों में बारिश नहीं हुई। बारिश नहीं होने से उमस लगातार बढ़ रही है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में सामान्य से 56 से 85 प्रतिशत तक अधिक आर्द्रता दर्ज की जा रही है।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि इस बार जून के बाद जुलाई में भी सामान्य से कम बारिश हुई है। प्रदेशभर में व्यापक वर्षा के बजाय अलग-अलग स्थानों पर छिटपुट बारिश हो रही है और मानसून ब्रेक की अवधि भी बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि 2, 3 और 4 अगस्त को कुछ क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि 5, 6 और 7 अगस्त को बारिश की संभावना नहीं है।
15 जिलों में औसत से कम बारिश
हरियाणा में वर्तमान मानसून सीजन (जुलाई के अंत और अगस्त की शुरूआत तक) में सामान्य से करीब 27% कम बारिश दर्ज की गई है। प्रदेश के 22 में से 15 जिलों में औसत से कम वर्षा हुई है, जिससे कई इलाके सूखे की स्थिति का सामना कर रहे हैं। इस मानसनू सीजन में सबसे कम बारिश सिरसा में हुई है जोकि सामान्य से 74% कम है। इसके बाद रोहतक में सामान्य से 66% कम बारिश दर्ज की गई है। वहीं जींद प्रदेश का तीसरा ऐसा जिला है जहां बहुत कम बारिश हुई है। आंकड़ों की बात करें तो जींद में अभी तक 66% कम बारिश हुई है। जबकि इसके बाद हिसार का स्थान आता है। मौसम विभाग के अनुसार हिसार में अभी तक सामान्य से 45% कम बारिश दर्ज की गई है।
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