
नई दिल्ली. जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और पायल नाथ ने आपसी सहमति से अलग होने का फैसला लिया तो हर किसी को हैरानी हुई. ये रिश्ता होटल की एक मुलाकात के साथ शुरु हुआ था और कोर्ट के फैसले के साथ खत्म हुआ. उमर अब्दुल्ला और पायल की कहानी किसी फिल्म की स्टोरी से कम नहीं है. दोनों ने सामाजिक बंधनों और धर्म के बीच आने वाली दीवार को गिराते हुए एक दूसरे का होने का फैसला लिया.
32 साल पहले जो रिश्ता होटल में एक दूसरे के साथ काम करते हुए शुरु हुआ था और जिसे समाज से लड़कर अंजाम तक पहुंचाया गया वो अब खत्म हो चुका है. उमर और पायल ने संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत सुप्रीम कोर्ट में आवेदन किया था. 2009 से अलग रह रहे इस जोड़े ने आपसी सहमति से तलाक दिए जाने का अनुरोध किया था, जिसको सुप्रीम कोर्ट ने मंजूरी दे दी.

उमर अब्दुल्ला और पायल पहली की मुलाकात दिल्ली के ओबेरॉय होटल में काम करने के दौरान हुई थी. बताया जाता है कि जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारुख अब्दुल्ला के बेटे उमर तब होटल ग्रुप के मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव थे. पायल भी उसी होटल में काम किया करती थीं. दोनों को साथ काम करने का मौका मिला और एक दूसरे के नजदीक आए. दोस्ती हुई और फिर दोनों ने शादी करने का फैसला लिया.
उमर एक मुस्लिम परिवार से आते हैं जबकि पायल नाथ एक सिख फैमिली से थी. उमर के पिता जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री रह चुके थे जबकि पायल के पिता मेजर जनरल रामनाथ सेना में अपनी सेवा दे चुके थे. जब 1994 में दोनों ने एक दूसरे का होने का फैसला लिया दोनों ही धर्मों के काफी लोग इसके खिलाफ थे. उमर और पायल ने धर्म की दीवार गिराकर शादी की.
शादी के बाद इस जोड़ी की मिसाल दी जाती थी. जम्मू कश्मीर का मुख्यमंत्री बनने के बाद ऐसा कोई इवेंट नहीं था जब उमर और पायल एक साथ नजर ना आए हों. 15 साल तक सबकुछ ठीक था लेकिन फिर कुछ ऐसा हुआ कि दोनों का रिश्ता बिगड़ गया. जब बात हद से ज्यादा खराब हो गई तो दोनों ने एक दूसरे से अलग होने का फैसला ले लिया. पायल दिल्ली में ट्रांसपोर्ट का बिजनेस संभालती हैं.
पायल और उमर के दो बच्चे जहीर और जमीर हैं. दोनों ही जम्मू-कश्मीर में सियासी परिवार की चौथी पीढ़ी को राजनीति आगे बढ़ा रहे हैं. दोनों ही पिता उमर अब्दुल्ला के साथ कई मौकों पर राजनीतिक मंच साझा करते नजर आ चुके हैं. नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) के प्रत्याशी के लिए रोडशो में भी शामिल हो चुके हैं.
