Women Reservation, नई दिल्ली: लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक गिरने पर घमासान मच गया है। इसको लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी टीका-टिप्पणी देखने को मिल रही है। वहीं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ता देश में कई जगह बिल पास न होने को लेकर विपक्षी सांसदों पर निशाना साध रहे हैं। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष पर हमला बोला है। वहीं कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने सरकार पर सवाल उठाए हैं।
शुक्रवार शाम को हुई थी वोटिंग
लोकसभा में शुक्रवार शाम को संविधान (131वां संशोधन) विधेयक पर वोटिंग हुई थी। 528 मेंबर्स ने मतदान में हिस्सा लिया और इसमें से 298 सांसदों ने बिल के पक्ष में और 230 ने विरोध में वोटिंग की जिसके कारण संसद में महिलाओं को प्रतिनिधित्व देने वाला यह अहम विधेयक गिर गया और इस पर अब बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। बिल गिरने के बाद एनडीए सांसद विपक्षी सांसदों को घेरने की तैयारी में हैं। वहीं सड़क से सोशल मीडिया तक इसको लेकर विपक्षियों के खिलाफ अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है।
देश के लिए काला दिन : किरेन रिजिजू
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इस बीच कहा कि विपक्षी सांसदों को उनके इस फैसले का जवाब देश की महिलाएं देंगी। उन्होंने कहा, यह एक ऐतिहासिक बिल था, जिसका मैन मकसद संसद व विधानसभा में महिलाओं को आरक्षण प्रदान करना था। रिजिजू ने कहा, ऐसे विधेयक का विरोध करने का हमें कारण समझ नहीं आया है। उन्होंनेकहा, यह देश के लिए काला दिन है।
कांग्रेस महिलाओं के आरक्षण के विरोध में नहीं : थरूर
शशि थरूर ने कहा, उनकी पार्टी महिलाओं के आरक्षण के विरोध में नहीं है। उन्होंने कहा, हम महिलाओं के खिलाफ नहीं हैं और आज भी हम महिला आरक्षण का समर्थन करने को तैयार हैं। कांग्रेस चाहती है कि विधेयक तत्काल लागू हो, लेकिन सरकार ने इसे परिसीमन (डिलिमिटेशन) के मसले से जोड़कर जटिल बना दिया है। कांग्रेस सांसद ने कहा, आप डिलिमिटेशन को बीच में क्यों ला रहे हो। परिसीमन एक अलग मामला है और इसमें कई गंभीर सवाल शामिल हैं जिन पर गंभीर चर्चा जरूरी है। थरूर ने कहा, महिला आरक्षण को अलग करके मौजूदा संसद सत्र में इसे लागू करें। डिलिमिटेशन पर गंभीर चर्चा के बाद डिस्कशन होगी।
ये भी पढ़ें : Women Reservation Bill: अपर्णा यादव की अगुवाई में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने लखनऊ में किया जोरदार प्रदर्शन

