Haryana News: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने महर्षि वाल्मीकि प्रकट उत्सव के अवसर पर चंडीगढ़ में आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। इस दौरान उन्होंने आदि कवि महर्षि वाल्मीकि जी को नमन करते हुए उनके प्रकट उत्सव की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने महर्षि वाल्मीकि के विचारों, सामाजिक समरसता और मानवता के संदेश को याद किया। साथ ही अनुसूचित जातियों और सफाई कर्मचारियों के कल्याण के लिए प्रदेश सरकार की ओर से उठाए गए कदमों का भी उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि जी का जीवन और उनके विचार समाज को समानता, सद्भाव और मानवता की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि रामायण केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव समाज के संविधान की तरह है, जो जीवन में नैतिकता, कर्तव्य और आदर्शों का मार्ग दिखाती है। सीएम ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि जी ने समाज को जाति, वर्ण और वर्ग के भेदभाव से ऊपर उठकर मानवता को अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि उनके निवास पर महर्षि वाल्मीकि जी के पावन प्रकट उत्सव का आयोजन उनके लिए असीम शांति का अनुभव है। मुख्यमंत्री ने अयोध्या में भगवान वाल्मीकि और माता शबरी के मंदिरों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वाल्मीकि समाज ने हमेशा राष्ट्र निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाई है और समाज के योगदान का सम्मान करना सभी की जिम्मेदारी है।
अनुसूचित जातियों के कल्याण के लिए सरकार के कदम गिनाए
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने अनुसूचित जातियों के कल्याण और अधिकारों के संरक्षण के लिए प्रदेश सरकार की ओर से उठाए गए कदमों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार ने अनुसूचित जातियों के आरक्षण में वर्गीकरण किया है, ताकि वंचित वर्गों तक योजनाओं और अवसरों का लाभ पहुंचाया जा सके। उन्होंने हरियाणा राज्य अनुसूचित जाति आयोग के गठन का उल्लेख करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य अनुसूचित जातियों के अधिकारों का संरक्षण और उनके कल्याण से जुड़े विषयों पर काम करना है। इसके अलावा सफाई कर्मचारियों के हितों की रक्षा और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए हरियाणा राज्य सफाई कर्मचारी कल्याण आयोग का भी गठन किया गया है।
सीएम सैनी ने बताया कि एजेंसियों के माध्यम से कार्यरत 5,000 से अधिक सफाई कर्मचारियों को संबंधित पालिकाओं के रोल पर लिया गया है। सरकार का उद्देश्य सफाई कर्मचारियों को बेहतर कार्य परिस्थितियां और सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
बेटियों की शादी से लेकर मकान मरम्मत तक आर्थिक सहायता
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार अनुसूचित जाति के गरीब परिवारों के कल्याण के लिए विभिन्न योजनाएं चला रही है। उन्होंने बताया कि अनुसूचित जाति के गरीब परिवारों की बेटियों की शादी के लिए 71,000 रुपये तक की शगुन राशि दी जाती है। उन्होंने अंबेडकर आवास नवीनीकरण योजना का जिक्र करते हुए कहा कि मकानों की मरम्मत के लिए 80,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। वहीं, मुख्यमंत्री सामाजिक समरसता अंतरजातीय विवाह शगुन योजना के तहत पात्र नवविवाहित जोड़ों को 2.50 लाख रुपये की अनुदान राशि प्रदान की जाती है।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि सरकारी सेवाओं में सीधी भर्ती के दौरान वंचित अनुसूचित जातियों के उम्मीदवारों के लिए 10 प्रतिशत कोटा आरक्षित किया गया है। उनके अनुसार, इन कदमों का उद्देश्य वंचित वर्गों को आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराना है।
महर्षि वाल्मीकि के विचारों को नीतियों में शामिल करने पर जोर
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि जी के विचार समाज को एकता, समानता और सेवा की प्रेरणा देते हैं। सरकार की योजनाओं और नीतियों का उद्देश्य भी समाज के हर वर्ग तक विकास का लाभ पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि जी का संदेश आज भी प्रासंगिक है और समाज को भेदभाव से ऊपर उठकर मानवता के रास्ते पर चलने की प्रेरणा देता है। मुख्यमंत्री ने उनके प्रकट उत्सव पर सभी को शुभकामनाएं देते हुए उनके आदर्शों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।

