कहा, डॉ. आंबेडकर के शब्द और चेतावनियां नए सिरे से प्रासंगिक हो गई
Congress President Mallikarjun Kharge (द भारत ख़बर), नई दिल्ली : कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने ने कहा कि संविधान आज एक षड्यंत्रकारी हमले का सामना कर रहा है। हमें डॉ. भीमराव अंबेडकर के द्वारा स्थापित प्रत्येक सिद्धांत की रक्षा के लिए खड़ा होना होगा। खड़गे ने एक्स पर कहा बाबासाहेब डॉ भीम राव आंबेडकर की जयंती पर, हम उस दूरदर्शी व्यक्ति को गहरी श्रद्धा से नमन करते हैं, जिन्होंने भारत को उसकी नैतिक और संवैधानिक आत्मा दिया की।
उन्होंने कहा कि बाबासाहेब न केवल भारत के संविधान के निर्माता थे, बल्कि स्वतंत्रता, समानता, बंधुत्व और न्याय के लिए एक अथक योद्धा भी थे, ये वे मूल्य हैं जो भारत की अवधारणा को ही परिभाषित करते हैं। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि आज, जब संविधान एक षड्यंत्रकारी हमले का सामना कर रहा है, तो उनके शब्द और चेतावनियां नए सिरे से प्रासंगिक हो गई हैं।
यह साहस और दृढ़ विश्वास का समय
यह साहस और दृढ़ विश्वास का समय है। डॉ आंबेडकर का जन्म 14 अप्रैल 1891 को मध्य प्रदेश के महू में हुआ था। उनका निधन 6 दिसंबर 1956 को हुआ। उन्हें भारतीय संविधान का निमार्ता माना जाता है। वही, कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने मंगलवार को संसद के आगामी विशेष सत्र को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाया और इसे लोकतंत्र का मजाक बताया। उन्होंने सत्र के समय पर भी सवाल उठाया और दावा किया कि सांसदों को चर्चा से पहले संवैधानिक संशोधन विधेयक उपलब्ध नहीं कराए गए थे। संसद के विशेष सत्र में नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 से संबंधित प्रमुख संवैधानिक संशोधनों पर विचार-विमर्श होने की उम्मीद है।
संसद का विशेष सत्र बुलाने पर कांग्रेस का तंज
एक्स पर एक पोस्ट में रमेश ने लिखा, ‘संसद का विशेष सत्र परसों यानी 16 अप्रैल को शुरू होगा जब तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार अपने चरम पर होगा। मोदी सरकार ने विपक्ष के उन बिल्कुल उचित और वैध अनुरोधों को खारिज कर दिया है जिनमें चुनाव समाप्त होने के बाद (आज से पंद्रह दिन बाद) सर्वदलीय बैठक बुलाने की बात कही गई थी।’ उन्होंने पोस्ट में लिखा ‘आज सुबह तक, मोदी सरकार ने सांसदों के साथ संविधान संशोधन विधेयक साझा नहीं किए हैं, जिन पर उन्हें बहस और मतदान करना है। यह लोकतंत्र का घोर मजाक है।
ये भी पढ़ें : President Droupadi Murmu : आज समावेशी समाज के निर्माण की दिशा में काम करने की : राष्ट्रपति

