EPFO E-PRAAPTI Platform: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के पास लाखों कर्मचारियों के अरबों रुपये पड़े हैं, जिन्हें सालों से क्लेम नहीं किया गया है। ये रकम उन कर्मचारियों के हैं, जिन्हें उनके पीएफ (PF) खाते में पड़े पैसों के बारे में कोई जानकारी नहीं है या उनके पास ऐसा कोई दस्तावेज नहीं है, जिसकी मदद से वे अपने पैसों को क्लेम कर सकें। इस समस्या को सुलझाने के लिए EPFO ने आधार ऑथेंटिकेशन का इस्तेमाल करके सदस्यों को पुराने या इनएक्टिव PF अकाउंट्स का पता लगाने में मदद करने के लिए एक आधार-बेस्ड पोर्टल E-PRAAPTI बनाया है। यह पोर्टल अभी लॉन्च नहीं हुआ है, लेकिन उम्मीद है कि इससे पुराने EPF अकाउंट्स को मौजूदा UAN से जोड़ने की प्रक्रिया आसान हो जाएगी।
E-PRAAPTI क्या है?
केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्री मनसुख मंडाविया ने इस साल अप्रैल में पहली बार इस प्लेटफॉर्म की घोषणा की थी। 29 अप्रैल को प्रकाशित ANI की एक रिपोर्ट के अनुसार, मंत्री ने E-PRAAPTI (EPF आधार-आधारित एक्सेस पोर्टल फॉर ट्रैकिंग इनऑपरेटिव अकाउंट्स) को “पुराने EPF खातों की पहचान, ट्रैकिंग, UAN लिंकिंग और एक्टिवेशन को आसान बनाने वाला एक समर्पित डिजिटल प्लेटफॉर्म” बताया। उन्होंने कहा कि यह पोर्टल “आधार-आधारित ऑथेंटिकेशन का एक आसान तरीका” देगा, जिससे सदस्य उन पुराने EPF खातों को सुरक्षित रूप से एक्सेस कर सकेंगे, जो यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) से जुड़े नहीं हैं, अपनी प्रोफाइल अपडेट कर सकेंगे और UAN लिंकिंग व एक्टिवेशन की प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे।
किसे होगा फायदा?
इस पहल से उन कर्मचारियों को फायदा होने की उम्मीद है, जिन्होंने आधार-बेस्ड वेरिफिकेशन और UAN सिस्टम के अनिवार्य होने से पहले काम करना शुरू किया था। उस समय हर एम्प्लॉयर एक अलग EPF मेंबर ID जारी करता था। ऐसे कई कर्मचारियों के पास पिछली नौकरियों के कई PF अकाउंट हैं, जिन्हें कभी लिंक या ट्रांसफर नहीं किया गया।
कब लॉन्च होगा प्लेटफॉर्म?
उम्मीद है कि EPFO अगस्त के आखिर तक E-PRAAPTI प्लेटफॉर्म लॉन्च करेगा। यह एक डिजिटल प्लेटफॉर्म होगा, जो मेंबर्स को पुराने या इनएक्टिव PF अकाउंट्स में पड़े फंड का पता लगाने, उन्हें लिंक करने और क्लेम करने में मदद करेगा। दरअसल, EPFO इस प्लेटफॉर्म को लॉन्च करने से पहले एक स्टेबल नेशनल डेटाबेस बनाने के लिए बैक-एंड सॉफ्टवेयर अपग्रेड की टेस्टिंग कर रहा है।
पहल का क्या है मकसद?
इस पहल का मकसद बिना क्लेम किए गए PF सेविंग्स की लंबे समय से चली आ रही समस्या को हल करना है। रिपोर्ट के मुताबिक, 30.91 लाख से ज्यादा इनएक्टिव EPF अकाउंट्स में लगभग ₹9,330 करोड़ की रकम बिना क्लेम किए पड़ी है। अगर लगातार तीन साल तक कोई अंशदान नहीं किया जाता है, तो EPF अकाउंट इनऐक्टिव हो जाता है। अभी, लगभग आठ करोड़ EPFO सदस्य 7.89 लाख संस्थानों के जरिए हर महीने अपने PF अकाउंट में योगदान करते हैं।
कैसे काम करेगा नया पोर्टल?
E-PRAAPTI पोर्टल उन सदस्यों के लिए उपयोगी है, जिनके पास अभी भी पुराने मेंबर आइडेंटिफिकेशन नंबर (MID) हैं। ये वे यूनिक अकाउंट नंबर हैं, जिनका इस्तेमाल अक्टूबर 2014 में यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) के आने से पहले किया जाता था। 1952 में EPF स्कीम लागू होने के बाद से ही MID जारी किए जा रहे हैं। पोर्टल के शुरू होने के बाद, ये इस तरह से काम कर सकते हैं:
सुरक्षित आधार लॉगिन
सदस्य बिना पूरे डॉक्यूमेंट जमा किए, आधार-बेस्ड ऑथेंटिकेशन का इस्तेमाल करके पुराने या भूले हुए PF डिपॉजिट का पता लगाने और लॉगिन करने में सक्षम होंगे।
- ऑनलाइन एप्लिकेशन: सब्सक्राइबर्स को रिक्वेस्ट प्रोसेस करने के लिए जरूरी जानकारी और अपनी EPF डिटेल्स के साथ एक ऑनलाइन फॉर्म भरना होगा।
- ऑटोमैटिक PF अकाउंट मर्जर या विद्ड्रॉल: अगर सिस्टम को पता चलता है कि कोई पुराना MID मौजूदा UAN से मेल खाता है, तो यह एलिजिबिलिटी की शर्तों के आधार पर पुराने PF अकाउंट्स को लेटेस्ट अकाउंट के साथ मर्ज करने या पैसे निकालने की रिक्वेस्ट को ऑटोमैटिक रूप से प्रोसेस करेगा।
- जरूरत पड़ने पर नया UAN: अगर किसी सब्सक्राइबर के पास MID है लेकिन UAN नहीं है, तो उम्मीद है कि पोर्टल भविष्य के ट्रांज़ैक्शन के लिए एक नया UAN जेनरेट करेगा।
- बिना मेल खाने वाले मामलों के लिए पहचान का वेरिफिकेशन: अगर किसी सब्सक्राइबर के पास MID नहीं है, तो क्लेम प्रोसेस होने से पहले ऑनलाइन एप्लिकेशन को पहचान के वेरिफिकेशन के लिए संबंधित EPFO ऑफिस भेजा जाएगा।
ऑफिस के चक्कर से निजात
इस डिजिटल प्रॉसेस से वेरिफिकेशन के लिए पुराने एम्प्लॉयर पर निर्भरता कम होने, कागजी काम घटने और EPFO ऑफिस के कई चक्कर लगाने की जरूरत खत्म होने की उम्मीद है। इसे शुरू करने के बारे में अप्रैल में बात करते हुए मंडाविया ने कहा था, “शुरुआती दौर में यह पोर्टल मेंबर ID पर आधारित होगा। इससे इसे सुरक्षित और बेहतर तरीके से शुरू किया जा सकेगा और जिन मेंबर्स के पास अपनी मेंबर ID है, उन्हें तुरंत फायदा मिलेगा।”
बाद में बढ़ेगा दायरा
मंडाविया ने कहा कि बाद के चरणों में इस प्लेटफॉर्म का दायरा बढ़ाया जाएगा, ताकि उन मेंबर्स को भी इसमें शामिल किया जा सके जिन्हें अपनी पुरानी मेंबर ID याद नहीं है या जिनके पास वे उपलब्ध नहीं हैं। लॉन्च होने के बाद, E-PRAAPTI से लाखों EPFO सब्सक्राइबर्स के लिए भूले हुए PF अकाउंट्स का पता लगाना और सालों से अटकी हुई बचत को वापस पाना बहुत आसान हो सकता है।

