नई दिल्ली. श्रीलंका में टेस्ट सीरीज के दौरान जब कोच गौतम गंभीर के चहेते साई सुदर्शन को बाहर होना पड़ा. चोटिल होने के बाद भी चुना गया ये खिलाड़ी अपनी फिटनेस हासिल करने में नाकाम रहा. ऐसे में श्रीलंका के खिलाफ गॉल टेस्ट में मजबूरी में तीसरे नंबर पर देवदत्त पडिक्कल को उतारा गया. इस दौरे पर लगातार दो मैच में दो शतक जमाकर उन्होंने टीम मैनेजमेंट को बाहर रखे जाने पर करारा जवाब दिया. 2024 में टेस्ट डेब्यू करने के बाद से इस खिलाड़ी को सिर्फ दो ही मैच में उतारा गया. गौतम गंभीर के कोच बनने के बाद ऑलराउंडर वाशिंगटन सुंदर तक को तीसरे नंबर पर आजमाया गया लेकिन पडिक्कल को इस दौरान नहीं चुना.
घरेलू क्रिकेट में लगातार रन बनाने वाले देवदत्त पडिक्कल ने 7 मार्च 2024 में धर्मशाला में अपना टेस्ट डेब्यू इंग्लैंड के खिलाफ किया था. इसके बाद उनको पर्थ में नवंबर 2024 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले का मौका मिला. यहां उन्होंने दोनों पारी में रन नहीं बनाए और गौतम गंभीर की टीम से बाहर हो गए. जून 2024 में मिस्टर गंभीर को भारतीय टीम का मुख्य कोच बनाया गया था. इस बीच नंबर तीन पर 7 अलग अलग बैटर को आजमाया गया. साई सुदर्शन पर जाकर टीम मैनेजमेंट का सफर थमा जबकि उन्होंने देवदत्त पडिक्कल जैसी ही शुरुआत की थी.
🔙 to 🔙 Tons 🙌
Devdutt Padikkal is in sublime form 💪
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— BCCI (@BCCI) August 23, 2026
तीसरे नंबर पर साई सुदर्शन की जगह पर उतरे देवदत्त पडिक्कल ने दो लगातार मैच में टेस्ट सेंचुरी ठोक डाली. उन्होंने गॉल टेस्ट में पहली पारी में 167 रन की बड़ी पारी खेली थी. इसके दम पर ही भारत ने 462 रन का स्कोर खड़ा किया था. अब कोलंबो टेस्ट की पहली पारी में उन्होंने शुरुआती झटके लगने के बाद टीम को संभाला और शतक जमाया. 168 बॉल पर 10 चौके की मदद से उन्होंने अपनी से सेंचुरी पूरी की.
गौतम गंभीर और कप्तान शुभमन गिल के चहेते साई सुदर्शन को लगातार फ्लॉप होने के बाद भी टीम के साथ बनाए रखा गया जबकि ऐसे ही खेल के बाद पडिक्कल को बाहर बिठा दिया गया. तीन टेस्ट पारी के बाद दोनों ही बल्लेबाज के खाते में एक शू्न्य और एक हाफ सेंचुरी थी. कमाल की बात यह कि साई को मौके पर मौका दिया गया जबकि पडिक्कल को बाहर बैठना पड़ा. अब बात करते हैं 3 टेस्ट पारी के आगे की तो 7 टेस्ट की 12 पारी के बाद साई सुदर्शन तीसरे नंबर पर खेलते हुए अब तक एक भी शतक नहीं बना पाए. वहीं 4 टेस्ट की 6 पारी के बाद पडिक्कल के नाम अब दो शतक है.

