दिल्ली के सराय कालेखां से राजस्थान के अलवर तक रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) के तहत नमो भारत ट्रेन चलाने को लेकर केंद्र सरकार ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। केंद्रीय शहरी एवं आवासन मंत्री मनोहर लाल ने बताया है कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना को दो चरणों में विकसित किया जाएगा और पूरा कॉरिडोर वर्ष 2032 तक तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने यह जानकारी केंद्रीय राज्य मंत्री और गुरुग्राम से सांसद राव इंद्रजीत सिंह के पत्र के जवाब में दी है। राव इंद्रजीत सिंह ने अपने पत्र में दिल्ली से राजस्थान को जोड़ने वाले आरआरटीएस प्रोजेक्ट की स्थिति को लेकर सवाल उठाया था। उन्होंने कहा था कि दिल्ली से मेरठ तक नमो भारत ट्रेन का ट्रैक तैयार हो चुका है, लेकिन दिल्ली से राजस्थान की ओर जाने वाले इस अहम रूट पर अभी तक परियोजना शुरू नहीं हो पाई है, जबकि इस क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियां और यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
केंद्रीय शहरी एवं आवासन मंत्री ने अपने जवाब में स्पष्ट किया कि दिल्ली–अलवर आरआरटीएस कॉरिडोर को दो चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में दिल्ली से गुरुग्राम होते हुए हरियाणा के रेवाड़ी जिले के बावल तक आरआरटीएस ट्रैक बिछाया जाएगा। इस चरण का काम जल्द शुरू किया जाएगा। इसके बाद दूसरे चरण में बावल से शाहजहांपुर होते हुए अलवर तक ट्रैक का निर्माण किया जाएगा।
मंत्री मनोहर लाल ने यह भी बताया कि यह पूरा कॉरिडोर क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करने, यात्रा समय को कम करने और दिल्ली-एनसीआर व राजस्थान के बीच आर्थिक और औद्योगिक गतिविधियों को गति देने के उद्देश्य से तैयार किया जा रहा है। दिल्ली-गुरुग्राम-रेवाड़ी-बावल और अलवर का यह इलाका औद्योगिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है, जहां रोजाना बड़ी संख्या में लोग कामकाज और व्यवसाय के लिए आवाजाही करते हैं।
सरकार का मानना है कि नमो भारत ट्रेन के संचालन से न सिर्फ यात्रियों को तेज, सुरक्षित और आधुनिक परिवहन सुविधा मिलेगी, बल्कि सड़क यातायात का दबाव भी कम होगा। दिल्ली से अलवर तक आरआरटीएस कॉरिडोर के पूरा होने के बाद हरियाणा और राजस्थान के लाखों लोगों को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है।

