8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों की उम्मीदें लगातार बढ़ रही हैं. सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर नई सिफारिशों के बाद वेतन में कितना इजाफा होगा और लोगों की कितनी सैलेरी बढ़ेगी. अब तक 2.08, 2.28 और 2.57 फिटमेंट फैक्टर की चर्चा होती रही, लेकिन ताजा रिपोर्ट्स में कुछ और ही है. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि फिटमेंट फैक्टर 1.92 के आसपास तय होता है, तो कर्मचारियों की ग्रॉस सैलरी में औसतन करीब 18% तक बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है.
पहले 2.57 फिटमेंट फैक्टर की थी चर्चा
शुरुआती रिपोर्ट्स में 2.57 फिटमेंट फैक्टर को लेकर काफी चर्चा हुई थी, लेकिन समय के साथ आर्थिक परिस्थितियों, महंगाई दर और महंगाई भत्ते (DA) के अनुमान को देखते हुए न मौजूदा आकलन के अनुसार फिटमेंट फैक्टर 1.90 से 1.92 के बीच रहने की संभावना अधिक मानी जा रही है.
1.92 फिटमेंट फैक्टर लागू होने पर कितनी होगी बेसिक सैलरी?
अगर 1.92 फिटमेंट फैक्टर लागू होता है, तो कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है.
18,000 रुपये बेसिक सैलरी → लगभग 34,560 रुपये
25,500 रुपये बेसिक सैलरी → लगभग 48,960 रुपये
35,400 रुपये बेसिक सैलरी → लगभग 67,968 रुपये
44,900 रुपये बेसिक सैलरी → लगभग 86,208 रुपये
56,100 रुपये बेसिक सैलरी → लगभग 1,07,712 रुपये
हालांकि, अंतिम वेतन में अन्य भत्तों और कटौतियों का भी असर पड़ेगा.
आखिर 1.92 फिटमेंट फैक्टर की संभावना क्यों जताई जा रही है?
1 जनवरी 2026 से केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता (DA) लगभग 60% तक पहुंचने का अनुमान है. इसके बाद भी DA में एक और संशोधन संभव माना जा रहा है. ऐसे में विशेषज्ञों का कहना है कि यदि सरकार कुल वेतन वृद्धि को करीब 18% तक सीमित रखती है, तो फिटमेंट फैक्टर 2.0 से ऊपर जाने के बजाय 1.90 से 1.92 के बीच रह सकता है.

