
ट्रम्प बोले- यह डील ट्रम्प 20-पॉइंट गाजा प्लान का सबसे अहम हिस्सा है और गाजा में स्थायी शांति और सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम है
Israel Hamas Peace Deal, (द भारत ख़बर), नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि उन्होंने इजरायल और हमास के बीच शांति समझौता करा दिया है। उनका दावा है कि हमास अपने हथियार छोड़ने के लिए तैयार हो गया है। डील के तहत गाजा में एक नया प्रशासन बनेगा और इजरायली सेना पीछे हट जाएगी। ट्रंप ने एलान किया कि नवगठित शांति बोर्ड ने हमास और गाजा के अन्य सभी सशस्त्र समूहों के पूर्ण निरस्त्रीकरण के लिए एक ऐतिहासिक समझौते पर सहमति जताई है।
कई चरणों में लागू होगा समझौता
ट्रम्प के मुताबिक समझौता कई चरणों में लागू होगा। जैसे-जैसे हमास अपने हथियार छोड़ेगा, वैसे-वैसे इजराइली सेना गाजा से हटेगी। इसके बाद एक इंटरनेशनल स्टेबलाइजेशन फोर्स और नई फिलिस्तीनी पुलिस गाजा की सुरक्षा संभालेंगे। द टाइम्स आॅफ इजराइल के मुताबिक, हमास के हथियार छोड़ने की मंजूरी के बाद अब 14 दिन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इसके तहत समझौते के हर चरण को लागू करने की टाइमलाइन तय की जाएगी।
हमास ने अपने और गाजा के लोगों के हित को देखते हुए फैसला लिया
एक सीनियर अमेरिकी अधिकारी ने दावा किया है कि ईरान चाहता था कि हमास यह समझौता न करे। हालांकि, अब ईरान पहले की तरह हमास की मदद करने की स्थिति में नहीं है। इसलिए हमास ने अपने और गाजा के लोगों के हित को देखते हुए फैसला लिया।
द टाइम्स आॅफ इजराइल के मुताबिक, अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड के अधिकारियों ने पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में पहुंचे हमास डेलिगेशन से जल्दबाजी में प्रस्ताव स्वीकार नहीं करने को कहा था। हालांकि, आखिरकार हमास ने यह प्रस्ताव मान लिया।
शांति बोर्ड क्या है?
‘शांति बोर्ड’ डोनल्ड ट्रंप द्वारा दावोस में शुरू किया गया एक अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता मंच है। इस बोर्ड के अध्यक्ष वे स्वयं हैं। इसके कार्यकारी बोर्ड में कई वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी और अंतरराष्ट्रीय हस्तियां शामिल हैं, जिनमें विदेश मंत्री मार्को रुबियो, विशेष दूत स्टीव विटकॉफ, ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर और जेरेड कुशनर शामिल हैं।
ट्रंप ने मिस्र, कतर और तुर्की को दिया धन्यवाद
ट्रंप ने इस समझौते लिए मध्यस्थता के प्रयास कर रहे मिस्र, कतर और तुर्की को धन्यवाद दिया, साथ ही समझौते को सुरक्षित करने में अपने प्रशासन की भूमिका की भी प्रशंसा की।
उन्होंने कहा, मैं मध्यस्थों मिस्र, कतर और तुर्की को उनके महत्वपूर्ण प्रयासों के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं, और विशेष रूप से अपनी उत्कृष्ट टीम को, जिनके अथक परिश्रम ने इस ऐतिहासिक सफलता को संभव बनाया।
