Haryana Sanitation Workers Strike: हरियाणा में सफाई कर्मचारियों, सीवरमैन और फायर कर्मचारियों की हड़ताल को लेकर सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच विवाद लगातार बढ़ रहा है। 6 अगस्त से चल रही हड़ताल अब एक महीने से ज्यादा समय से जारी है। सरकार की सख्ती के बावजूद कर्मचारी पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। मंगलवार को हरियाणा सरकार ने 30 और संविदा सफाई कर्मचारियों को नौकरी से बर्खास्त कर दिया। इसके अलावा आठ नियमित कर्मचारियों को निलंबित किया गया। दो दिनों में कुल 62 संविदा कर्मचारी बर्खास्त और 10 नियमित कर्मचारी निलंबित किए जा चुके हैं।
कर्मचारियों ने हड़ताल आगे बढ़ाई
सरकार की कार्रवाई के बावजूद कर्मचारी संगठनों ने आंदोलन जारी रखने का फैसला किया है। नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा और हरियाणा अग्निशमन विभाग कर्मचारी संघ के नेताओं के अनुसार, हड़ताल को 10, 11, 12 और 13 सितंबर तक बढ़ाया गया है। कर्मचारी नेता नरेश शास्त्री और मांगेराम तिगरा का कहना है कि सरकार जब तक उनकी मांगों पर ठोस फैसला नहीं करती, आंदोलन जारी रहेगा। कर्मचारी 13 सितंबर को कुरुक्षेत्र में ‘जन न्याय पंचायत’ भी आयोजित करने की तैयारी कर रहे हैं। इसके बाद आगे के आंदोलन को लेकर फैसला लिया जाएगा।
क्या हैं कर्मचारियों की मुख्य मांगें?
कर्मचारियों का सबसे बड़ा मुद्दा नियमितीकरण है। बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी लंबे समय से संविदा पर काम कर रहे हैं। कर्मचारी चाहते हैं कि उन्हें स्थायी किया जाए और ठेके की व्यवस्था खत्म की जाए। इसके अलावा कर्मचारी पुराने समझौते को लागू करने, नौकरी की सुरक्षा, जोखिम भत्ता और अन्य सुविधाओं की मांग कर रहे हैं। यूनियन का कहना है कि सरकार ने मई में हुए समझौते में कई मांगों पर सहमति जताई थी, लेकिन उन्हें पूरी तरह लागू नहीं किया गया।
मामले पर सरकार ने क्या कहा?
हरियाणा सरकार का कहना है कि वह सफाई कर्मचारियों के हितों की अनदेखी नहीं कर रही है। सरकार के अनुसार कर्मचारियों की कई मांगों को स्वीकार किया जा चुका है और बाकी मांगों पर भी गंभीरता से विचार किया जा रहा है। सरकार ने यह भी कहा है कि नगर निकायों में काम करने वाले सफाई कर्मचारियों को हरियाणा कॉन्ट्रैक्चुअल एम्प्लॉइज एक्ट के दायरे में लाने की सैद्धांतिक मंजूरी दी गई है। इससे पात्र कर्मचारियों को सेवा सुरक्षा मिलने का रास्ता साफ हो सकता है।
10 साल से ज्यादा सेवा वालों का भुगतान बढ़ेगा
सरकार के अनुसार जिन पात्र सफाई कर्मचारियों ने 10 साल से ज्यादा सेवा पूरी कर ली है, उनका मासिक भुगतान ₹20,590 से बढ़ाकर ₹25,560 किया जाएगा। सरकार का कहना है कि इन कदमों से कर्मचारियों को आर्थिक और नौकरी की सुरक्षा मिलेगी। इसके साथ ही सरकार ने हड़ताल कर रहे कर्मचारियों से वापस ड्यूटी पर लौटने की अपील की है। हड़ताल लंबी होने के कारण राज्य के कई शहरों में सफाई व्यवस्था प्रभावित हुई है। कई जगह सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर कचरा जमा होने की शिकायतें सामने आई हैं। स्थिति को संभालने के लिए सरकार ने कई नगर निकायों को वैकल्पिक व्यवस्था करने और जरूरत के अनुसार आउटसोर्स कर्मचारियों की मदद लेने के निर्देश दिए हैं। इससे कुछ जगह सफाई का काम फिर शुरू हुआ है, लेकिन कई क्षेत्रों में कूड़े के ढेर लगे हुए हैं।


