दिनेश कौशिक
रोहतक. हरियाणा के रोहतक में मदीना गांव के पास दो दिन पहले मिली जलती हुई लाश की पहचान हो गई है. मृतक की पहचान उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ निवासी शेर मोहम्मद के रूप में हुई है. शेर मोहम्मद दिल्ली में रहकर ओला कंपनी के साथ टैक्सी ड्राइवर का काम करता था. परिजनों ने शव और पुलिस को मिले दस्तावेजों के आधार पर उसकी पहचान की है.
बताया जा रहा है कि करीब दो दिन पहले शेर मोहम्मद ने किसी व्यक्ति के लिए टैक्सी बुक की थी. इसके बाद वह घर वापस नहीं लौटा. काफी समय तक जब उसका कोई सुराग नहीं मिला तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू कर दी. इसी बीच बहुअकबरपुर थाना पुलिस को मदीना गांव के पास एक जला हुआ आधार कार्ड मिला. आधार कार्ड से मिले सुराग के आधार पर पुलिस ने मृतक की पहचान के लिए परिजनों से संपर्क किया.
परिजनों के मुताबिक, शेर मोहम्मद मूल रूप से अलीगढ़ का रहने वाला था और रोजी-रोटी के लिए दिल्ली में रहकर टैक्सी चलाता था. दो दिन पहले मदीना गांव के खेतों के पास उसकी लाश जलती हुई मिली थी. मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की थी. अब पहचान होने के बाद पुलिस आज शव का पोस्टमॉर्टम करवाएगी. मृतक के बेटे ने बताया कि जब उसका पिता शेर मोहम्मद शाम तक घर नहीं लौटा तो फोन किया, लेकिन फोन स्विच ऑफ मिला.
परिजनों के मुताबिक, शेर मोहम्मद मूल रूप से अलीगढ़ का रहने वाला था.
पुलिस अधिकारी सोमबीर ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजनों को शव सौंप दिया जाएगा. जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तारी भी की जाएगी.
पहले भी मिल चुके हैं शव
गौर रहे कि दिल्ली-हिसार रोड के पास मदीना गांव का इलाका शव फेंकने के मामलों को लेकर भी सवालों के घेरे में है. इससे पहले भी दूसरी जगह हत्या के बाद शवों को मदीना गांव के खेतों में फेंके जाने के मामले सामने आ चुके हैं. ऐसे में पुलिस के सामने इस मामले की गुत्थी सुलझाने के साथ-साथ यह पता लगाना भी चुनौती है कि कहीं मदीना का इलाका अपराधियों के लिए शव ठिकाने लगाने का हॉट-स्पॉट तो नहीं बनता जा रहा.फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर शेर मोहम्मद की हत्या किसने और क्यों की क्या उसे टैक्सी बुक करके सुनसान इलाके में बुलाया गया था या फिर किसी दूसरी जगह वारदात को अंजाम देने के बाद शव को मदीना गांव के पास लाकर जलाया गया? पुलिस इन तमाम पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है.
