नई दिल्ली. भारतीय टीम का आयरलैंड और इंग्लैंड दौरा बेहद निराशाजनक रहा था. टी20 सीरीज में सीरीज में आयरलैंड ने क्लीन स्वीप किया और इंग्लैंड ने 4-0 से हराया. भारत ने लगातार दूसरी बार टी20 विश्व कप जीतने के बाद विदेशी दौरा किया था. वैभव सूर्यवंशी को आयरलैंड में ही इंटरनेशनल डेब्यू की उम्मीद थी लेकिन इंग्लैंड में ये दौरा मिला. 15 साल के इस युवा को मौका दिए जाने के लिए संजू सैमसन को बाहर बिठाया गया था. कमाल की बात यह कि उनको तीन मैच के बाहर फिर से प्लेइंग इलेवन में वापस बुला लिया गया. इस फैसले को लेकर टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने खुलकर बात की है.
टीम इंडिया आयरलैंड के निराशाजनक दौरे के बाद इंग्लैंड पहुची थी. 5 मैचों की सीरीज का पहला मुकाबला बारिश की वजह से पूरा नहीं हो पाया. दूसरे टी20 में वैभव सूर्यवंशी का नाम प्लेइंग इलेवन में शामिल किया गया और उनका इंटरनेशनल डेब्यू हुआ. टीम मैनेजमेंट ने संजू सैमसन को बाहर कर उनको मौका देने की बड़ा फैसला लिया था. इस मुश्किल फैसले के कई महीने बाद गंभीर ने बात की है. उन्होंने ने बताया कि वह रातभर सो नहीं पाए थे क्योंकि सैमसन टी20 विश्व कप 2026 में ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ रहे थे.
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गंभीर ने कहा, “मेरे दो साल के सफर में वह एकमात्र रात थी जब मुझे नींद नहीं आई. मैंने संजू से भी बात कही थी. मुझे पता था कि यह टी20 के कोचिंग कार्यकाल का शायद सबसे मुश्किल फैसला था. ऐसा खिलाड़ी को जो वर्ल्ड कप का सर्वश्रेष्ठ प्लेयर हो उसको सिर्फ तीन या चार मैचों के बाद बाहर करना बेहद कठिन था. इसकी वजह शायद यह थी कि वैभव भी उस समय शानदार फॉर्म में था और हमें सीरीज जीतनी थी.”
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आगे उन्होंने कहा, मैंने संजू के साथ बहुत ईमानदार से बात की. जिस फॉर्म में वैभव था, हमें टॉप आर्डर में रन बनाने के लिए किसी खिलाड़ी की जरूरत थी. हमें शुरुआत में एक मजबूत प्लेटफॉर्म चाहिए था. वह इस फैसले को समझ गए और उनके लिए यह ठीक था.”

