IMD Weather Forecast Today: देशभर में मानसून एक बार फिर पूरी तरह एक्टिव हो गया है। खासकर उत्तर भारत के राज्यों में इसका गहरा असर देखने को मिल रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा अपडेट के मुताबिक 4 अगस्त को दिल्ली-एनसीआर समेत हरियाणा, पंजाब और पहाड़ी राज्यों जैसे हिमाचल प्रदेश में झमाझम बारिश का दौर शुरू हो गया है। मानसून ट्रफ के उत्तर की ओर खिसकने के कारण मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से कुछ राहत मिली है। हालांकि IMD ने इस महीने देश के कुछ हिस्सों में सामान्य से कम बारिश का अनुमान जताया है।
दिल्ली-एनसीआर में सुबह-सुबह हुई बारिश
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और इससे सटे नोएडा, गुरुग्राम, फरीदाबाद व गाजियाबाद जैसे इलाकों में मंगलवार सुबह झमाझम बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने राजधानी के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए दिनभर बादल छाए रहने और मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई है। सुबह के वक्त हुई मानसूनी बौछारों के कारण तापमान में हल्की गिरावट आई है, जिससे अधिकतम तापमान करीब 32°C से 34°C के आसपास रहने की उम्मीद है। हालांकि लगातार नमी और बादलों की आवाजाही के चलते उमस का अहसास बना रह सकता है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि शुरुआती घंटों में तेज बारिश के कारण दिल्ली के कई निचले इलाकों और प्रमुख सड़कों पर जलभराव की समस्या का सामना करना पड़ सकता है।
हरियाणा-चंडीगढ़ में तेज हवाओं के साथ बारिश
हरियाणा और चंडीगढ़ में भी मौसम पूरी तरह मेहरबान है। IMD के पूर्वानुमान के अनुसार राज्य के कई जिलों में 4 अगस्त से लेकर आगामी कुछ दिनों तक अच्छी बारिश देखने को मिल सकती है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं। मौसम विभाग ने किसानों और आम नागरिकों को सलाह दी है कि वे खराब मौसम के दौरान खुले में जाने से बचें। लगातार हो रही बारिश से कृषि क्षेत्रों को फायदा पहुंच रहा है।
पंजाब में भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट
पंजाब के लगभग सभी हिस्सों में मानसून सक्रिय बना हुआ है। मौसम विभाग के मुताबिक पंजाब में 4 अगस्त को मध्यम से लेकर भारी बारिश होने की संभावना है। बारिश के साथ-साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है। राज्य के कई जिलों में पिछले कुछ घंटों से लगातार हो रही बारिश से तापमान में सामान्य से नीचे गिरावट दर्ज की गई है, जिससे धान की फसल को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।
हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश का दौर जारी
पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश में मौसम का मिजाज काफी सख्त बना हुआ है। IMD ने हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में 3 अगस्त से 9 अगस्त के बीच भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। लगातार हो रही मानसूनी बारिश के कारण पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन (हो गया है। इससे 100 से ज्यादा सड़कें बंद हो चुकी हैं और लोगों की आवाजाही भी प्रभावित हुई है। मौसम विभाग ने लोगों को नदियों-नालों के पास न जाने की चेतावनी जारी की है।
उत्तर भारत के अन्य राज्यों में कैसा रहेगा मौसम?
पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के अधिकांश जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में वेस्टर्न डिस्टरबेंस और मानसूनी हवाओं के मिलने से बारिश तेज हो गई है। इसके अलावा उत्तराखंड के कई जिलों में भारी बारिश के चलते भूस्खलन और फ्लैश फ्लड का खतरा बना हुआ है, जिसे लेकर प्रशासन सतर्क है। लोगों को अलर्ट रहने की चेतावनी दी गई है।
पूर्वोत्तर, मध्य और दक्षिण भारत का अपडेट
पूर्वोत्तर भारत के असम, मेघालय, सिक्किम और पश्चिम बंगाल में 4 अगस्त सबसे भारी मानसूनी कहर देखने को मिल रहा है। IMD की रिपोर्ट के अनुसार असम, मेघालय और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कुछ हिस्सों में 20 सेंटीमीटर से अधिक की भारी बारिश हो सकती है। यहां के पहाड़ी इलाकों में फ्लैश फ्लड का खतरा बना हुआ है। अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी लगातार मूसलाधार बारिश का दौर जारी है, जिससे नदियां उफान पर हैं और जनजीवन प्रभावित हुआ है। मध्य भारत के मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में मानसून सामान्य रूप से सक्रिय है। यहां गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती हैं।
कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र में अच्छी मानसूनी गतिविधियां जारी हैं। मुंबई और आसपास के तटीय इलाकों में भी बादल छाए रहने के साथ रुक-रुक कर बारिश हो रही है। गुजरात की बात करें तो यहां फिलहाल मानसूनी गतिविधियां सामान्य हैं, हालांकि कुछ तटीय इलाकों में तेज हवाएं चल रही हैं। दक्षिण भारत की बात करें, तो कर्नाटक और केरल के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज हवाएं चल रही हैं। आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु के कुछ सूखा-संभावित इलाकों में छिटपुट बारिश दर्ज की जा रही है, जबकि तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में भी हवाओं के साथ सामान्य मानसूनी माहौल है।

