अगले वित्त वर्ष में जीडीपी के 4.4 प्रतिशत के राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को प्राप्त करने की उम्मीद
Budget 2026-27 (द भारत ख़बर), बिजनेस डेस्क : भारत के वित्त वर्ष 2026-27 के बजट पेश होने में अब एक सप्ताह का समय शेष बचा है। देश का बजट तैयार हो चुका है और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक फरवरी को इसे देश की जनता के सामने पेश कर देंगी। दूसरी तरफ बजट को लेकर देश का हर वर्ग उत्साहित है। हर किसी को उम्मीद है कि इस साल पेश होने वाले बजट में केंद्र सरकार और वित्त मंत्रालय देश की आर्थिक गति को मजबूती और नई दिशा देने का सफल प्रयास करेगी। इसी सबके बीच फिक्की के प्री बजट सर्वे 2026-27 में उद्योग जगत में विशेष उत्साह सामने आया है।
जीडीपी वृद्धि दर 7-8 प्रतिशत रहने की उम्मीद
फेडरेशन आॅफ इंडियन चैंबर्स आॅफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) ने आगामी केंद्रीय बजट से पहले उद्योग जगत की राय जानने और प्रमुख नीतिगत सिफारिशें प्रस्तुत करने के लिए अपना ‘प्री-बजट सर्वे 2026-27’ जारी किया है। सर्वेक्षण में उद्योग जगत में प्रबल आशावाद झलकता है, जिसमें लगभग 80 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने भारत की विकास संभावनाओं पर विश्वास व्यक्त किया है। लगभग आधे प्रतिभागियों को वित्त वर्ष 2026-27 में जीडीपी वृद्धि दर 7-8 प्रतिशत के बीच रहने की उम्मीद है, जो वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत के मध्यम अवधि के आधारभूत सिद्धांतों में विश्वास को पुष्ट करता है।
राजकोषीय घाटा कम होने की उम्मीद
फिक्की के मुताबिक, उद्योग जगत ने राजकोषीय विवेक के महत्व पर भी बल दिया, जिसमें लगभग 42 प्रतिशत उत्तरदाताओं को वित्त वर्ष 2025-26 में जीडीपी के 4.4 प्रतिशत के राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को प्राप्त करने की उम्मीद है, जो सरकार के राजकोषीय सुदृढ़ीकरण रोडमैप में विश्वास को मजबूत करता है। सर्वेक्षण के आधार पर, केंद्रीय बजट 2026-27 के लिए तीन व्यापक आर्थिक प्राथमिकताएं स्पष्ट रूप से उभरती हैं। इनमें रोजगार सृजन, अवसंरचना पर निरंतर जोर और निर्यात को मजबूत समर्थन, शामिल है। जिन क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किए जाने की उम्मीद है, उनमें उत्तरदाताओं ने अवसंरचना, विनिर्माण, रक्षा और लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को प्रमुखता से बताया है।
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