Pawan Khera, (द भारत ख़बर), नई दिल्ली: कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने शनिवार को सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले का स्वागत किया, जिसमें उन्हें कथित जालसाजी और मानहानि के मामले में अग्रिम जमानत दी गई है। उन्होंने इसे संवैधानिक मूल्यों और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की पुष्टि बताया। खेड़ा ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में सुप्रीम कोर्ट और कांग्रेस नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त किया।
कोर्ट ने कानून के शासन को बनाए रखा
कांग्रेस नेता ने लिखा, मैं माननीय सुप्रीम कोर्ट का धन्यवाद करता हूं कि कोर्ट ने कानून के शासन को बनाए रखा। उन्होंने कहा, मेरी जमानत न केवल एक व्यक्तिगत जीत और राहत का जरिया है, बल्कि उन लोगों के लिए एक याद दिलाना भी है जो सत्ता का दुरुपयोग करते हैं। खेड़ा ने कहा, जब तक हम एक संवैधानिक लोकतंत्र बने रहेंगे, तब तक राजनीतिक बदले की भावना के लिए व्यक्तिगत स्वतंत्रता की बलि नहीं चढ़ाई जा सकती।
जीत हमेशा सच की ही होती है
कांग्रेस नेता ने कहा, झूठ चाहे कितना भी ताकतवर क्यों न लगे, जीत हमेशा सच की ही होती है। सत्यमेव जयते! बता दें कि पवन खेड़ा पर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी भुइयां सरमा के खिलाफ झूठे बयान देने का आरोप है। खेड़ा ने सरमा को बदनाम करने के लिए कथित तौर पर जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल किया था।
हिरासत में पूछताछ की आवश्यकता नहीं : SC
जस्टिस जेके माहेश्वरी और जस्टिस अतुल एस. चांदुरकर की पीठ ने टिप्पणी की कि आरोप और प्रत्यारोप पहली नजर में राजनीतिक रूप से प्रेरित प्रतीत होते हैं और इस चरण में हिरासत में पूछताछ की आवश्यकता नहीं है। कोर्ट ने कहा कि दावों की सच्चाई की जांच सुनवाई के दौरान की जा सकती है।
शर्तों के साथ अग्रिम जमानत
सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि अगर खेड़ा को गिरफ्तार किया जाता है, तो उन्हें कुछ शर्तों के साथ अग्रिम जमानत पर रिहा कर दिया जाए। इन शर्तों में जांच में पूरा सहयोग करना और जरूरत पड़ने पर अधिकारियों के सामने पेश होना शामिल है। कोर्ट ने उन्हें गवाहों को प्रभावित करने, सबूतों से छेड़छाड़ करने या कोर्ट की पहले से अनुमति लिए बिना देश छोड़ने से भी रोक दिया।
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