Jantar Mantar Protest News: दिल्ली पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका समेत अन्य सदस्यों के खिलाफ जंतर-मंतर पर बिना अनुमति प्रवेश करने के मामले में एफआईआर दर्ज की है। यह कार्रवाई मंगलवार को हुए प्रदर्शन के बाद की गई, जब पार्टी के नेताओं और समर्थकों ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए नारेबाजी की। प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर के पास JDU कार्यालय की ओर स्थित गेट से अंदर दाखिल हुए थे। पुलिस ने पहले प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया था। इसके बाद अनधिकृत प्रवेश को लेकर मामला दर्ज किया गया।
जंतर-मंतर में घुसे थे प्रदर्शनकारी
CJP नेताओं और उनके समर्थकों ने जंतर-मंतर तक पहुंचने के लिए JDU कार्यालय के पास स्थित रास्ते का इस्तेमाल किया। समूह ने एक बंद गेट को पार कर प्रदर्शन स्थल में प्रवेश किया। इसके बाद वहां नारेबाजी की गई और पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने सौरव दास, आशुतोष रांका और पार्टी के अन्य सदस्यों को हिरासत में लिया था। घटना के दौरान प्रदर्शनकारियों ने तिरंगे के साथ नारे लगाए और मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग की।
#UPDATE | Delhi Police has registered a case against CJP leaders Saurav Das, Ashutosh Ranka, and others for unauthorised trespassing through the house. The case relates to the incident of entering Jantar Mantar today.
— ANI (@ANI) October 13, 2026
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग
CJP के प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध था। पार्टी और कुछ अन्य विपक्षी समूहों ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि इस प्रक्रिया में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं और इससे चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं। दूसरी ओर निर्वाचन आयोग ने पक्षपात के आरोपों को खारिज किया है। इस मुद्दे को लेकर दिल्ली में हाल के दिनों में कई विरोध प्रदर्शन हुए हैं। CJP नेताओं ने भी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन जारी रखने की बात कही है।
प्रदर्शन को लेकर क्यों बढ़ा विवाद?
यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब जंतर-मंतर को आधिकारिक प्रदर्शन स्थल के रूप में अधिसूचित दर्जे से हटाए जाने को लेकर विवाद चल रहा है। दिल्ली पुलिस ने दिल्ली हाई कोर्ट को बताया कि सुप्रीम कोर्ट के 9 अक्टूबर के आदेश के बाद जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल के दर्जे से हटाया गया है। पुलिस ने प्रदर्शन के लिए वैकल्पिक स्थानों के रूप में बुराड़ी मैदान, रामलीला मैदान और CBD मैदान का उल्लेख किया है। इस फैसले और शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार से जुड़े सवालों पर कानूनी बहस भी जारी है।

