Punjab News: SAS नगर (मोहाली) की एडिशनल सेशन कोर्ट ने आज 2017 के चर्चित एकम सिंह ढिल्लों मर्डर केस में अपना ऐतिहासिक फ़ैसला सुनाया और मृतक की पत्नी सीरत कौर को उम्रकैद की सज़ा सुनाई। एडिशनल सेशन जज हरदीप सिंह की अदालत ने सीरत कौर को IPC की धारा 302 (हत्या), 120-B (आपराधिक साज़िश), 201 (सबूत मिटाना) के तहत दोषी ठहराया और सज़ा का ऐलान किया।
अदालत ने आरोपी सीरत कौर को इस प्रकार सज़ा सुनाई है:
IPC की धारा 302 (हत्या): उम्रकैद की सख़्त सज़ा और 50,000 रुपये का जुर्माना। जुर्माना न भरने पर 6 महीने की अतिरिक्त सख़्त सज़ा काटनी होगी।
IPC की धारा 201 (सबूत मिटाना): तीन साल की सख़्त सज़ा और 20,000 रुपये का जुर्माना। जुर्माना न भरने पर 6 महीने की अतिरिक्त सख़्त सज़ा।
आर्म्स एक्ट की धारा 25: तीन साल की सख़्त सज़ा और 20,000 रुपये का जुर्माना। जुर्माना न भरने पर 6 महीने की अतिरिक्त सख़्त सज़ा।
अदालत ने आदेश दिया है कि ये सभी सज़ाएं एक साथ चलेंगी।
अदालत ने अपने फ़ैसले में यह भी साफ़ किया कि हालांकि यह हत्या का मामला है, लेकिन यह “दुर्लभतम से दुर्लभ” (Rarest of Rare) मामलों की श्रेणी में नहीं आता है, इसलिए मौत की सज़ा के बजाय उम्रकैद की सज़ा दी गई है।
पूरा मामला क्या था?
यह सनसनीखेज घटना 19 मार्च 2017 को मोहाली के फ़ेज़-3B1 में हुई थी। शिकायतकर्ता दर्शन सिंह ढिल्लों (मृतक के भाई) के अनुसार, उन्हें जानकारी मिली थी कि उनके भाई के किराए के घर के पास और BMW कार (CH-04-F-0027) के पास खून बिखरा हुआ था। जब उस जगह की जांच की गई, तो कार की पिछली सीट पर रखे एक काले सूटकेस से खून टपक रहा था। सूटकेस खोलने पर उसमें से एकम सिंह ढिल्लों का शव मिला, जिनके सिर में गोली मारी गई थी।
पुलिस जांच में पता चला कि सीरत कौर के किसी और व्यक्ति (निमरतदीप सिंह) के साथ नाजायज संबंध थे और संपत्ति हड़पने के इरादे से उसने अपने परिवार के सदस्यों के साथ मिलकर इस हत्या की साजिश रची थी। हत्या के बाद, शव को सूटकेस में पैक किया गया और शरीर के टुकड़े-टुकड़े करने के लिए कार में रखा गया।
