ईरान ने महबूबा मुफ्ती को विशेष अतिथि के तौर पर आधिकारिक निमंत्रण भेजा
Khamenei’s Funeral, तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन डीसी: पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती तेहरान में होने वाले ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के राजकीय अंतिम संस्कार में शामिल होंगी। खुद महबूब ने भी इस बात की पुष्टी की है। उन्होंने कहा कि 3 से 6 जुलाई के बीच तेहरान में होने वाले अयातुल्ला अली खामेनेई के राजकीय अंतिम संस्कार में शामिल होना मेरे लिए बहुत बड़ा सम्मान है।
जिंदगी में एक बार मिलने वाला ऐसा अवसर है। मैं खामेनेई को अंतिम श्रद्धांजलि देने तेहरान जाऊंगी। गौरतलब है कि 86 वर्षीय अयातुल्लाह अली खामेनेई की अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच युद्ध के पहले दिन 28 फरवरी को मौत हो गई थी। उनके अंतिम संस्कार की प्रक्रिया 4 जुलाई को तेहरान से शुरू होगी। इसके बाद उन्हें 9 जुलाई को उनके पैतृक शहर मशहद में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।
भारत की ओर से विदेश राज्य मंत्री पबित्र मार्गेरिटा और बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन अंतिम संस्कार में होंगे शामिल
ईरान भाजपा, कांग्रेस और पीडीपी के नेताओं के अलावा जैन संत आचार्य लोकेश मुनि को भी न्योता भेज चुका है। भारत सरकार की ओर से विदेश राज्य मंत्री पबित्र मार्गेरिटा और बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन अंतिम संस्कार में शामिल होंगे। ईरान का अनुमान है कि अंतिम यात्रा में 1.5 से 2 करोड़ लोग शामिल हो सकते हैं, जो देश के इतिहास का सबसे बड़ा राजकीय अंतिम संस्कार होगा।
3 से 5 जुलाई तक ईरान और तुर्किये के दौरे पर रहेंगे पाक पीएम शहबाज शरीफ, खामेनेई के अंतिम संस्कार में भी होंगे शामिल
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ इस सप्ताह ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होंगे। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने बताया कि पीएम शहबाज 3 से 5 जुलाई तक ईरान और तुर्किये के दौरे पर रहेंगे।
खामेनेई के अंतिम संस्कार को लेकर तेहरान में सुरक्षा बढ़ी
अंतिम संस्कार की तैयारियों के तहत तेहरान में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। ग्रैंड मोसल्ला परिसर के आसपास खामेनेई के बड़े-बड़े पोस्टर लगाए गए हैं। कई सड़कों को आंशिक रूप से बंद किया गया है। सरकारी टीवी ने लोगों से सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने की अपील की है।
सार्वजनिक कार्यक्रमों के अलावा 3 जुलाई को विदेशी प्रतिनिधियों के लिए अलग कार्यक्रम भी रखा गया है। ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, करीब 30 देशों के प्रतिनिधि इसमें शामिल होंगे। ईरान ने यूरोपीय देशों को आधिकारिक निमंत्रण नहीं भेजा है।
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