Election News: धारूहेड़ा: धारूहेड़ा नगर निकाय के 10 मई को होने वाली निकाय चुनाव में 4 निर्दलीय उम्मीदवार के साथ भाजपा और कांग्रेस उम्मीदवारों ने ताल ठोकी है। धारूहेड़ा में कंवर सिंह यादव पहले चेयरमैन रह चुके हैं। कंवर सिंह दिनेश मुकदम टिकट नहीं मिलने पर बागी होकर चुनाव मैदान में कूदे हैं। जबकि बाबूलाल लांबा व दिनेश मुकदम दोबारा से चुनाव लड रहे है। बताया जा रहा है जहां राज सिंह यादव दागी व वहीं कवर सिंह व दिनेश मुकदम बागी बताए जा रहे है।Election News
कांग्रेस ने दागी महिला पर दांव खेला: धारूहेड़ा में 10 मई को होने वाली निकाय चुनाव में कांग्रेस ने दागी महिला पर दांव खेला है। धारूहेड़ा में कांग्रेस उम्मीदवार कुमारी राज के खिलाफ धारूहेड़ा थाना में दंगा भड़काने (शांति भंग करने) करने का केस दर्ज है। लेकिन सबसे अहम बात यह है कि चेयरमैन पद के हल्फनामों में ऐसा कोई जिक्र नहीं है।
चेयरमैन के 6 में तीन पुराने उम्मीदवार: धारूहेड़ा में 10 मई को होने वाली निकाय चुनाव में 4 निर्दलीय उम्मीदवार के साथ भाजपा और कांग्रेस उम्मीदवारों ने ताल ठोकी है। धारूहेड़ा में कंवर सिंह यादव पहले चेयरमैन रह चुके हैं। दोनों टिकट नहीं मिलने पर बागी होकर चुनाव मैदान में कूदे हैं। जबकि बाबूलाल लांबा व दिनेश मुकदम दोबारा से चुनाव लड रहे है।
जानिए कौन कौन है धारूहेड़ा के चेयरमैन के दोवदार: धारूहेड़ा में कुमारी राज कांग्रेस, अजय जांगड़ा भाजपा, कंवर सिंह यादव, बाबूलाल लांबा, प्रदीप यादव और दिनेश मुकदम चुनाव लड़ रहे हैं। बाबूलाल लांबा ओर दिनश मुकदम 2020 में भी चुनाव लड़ चुके हैं।
2019 में हुआ था केस दर्ज: बता दे धारूहेड़ा में कांग्रेस उम्मीदवार कुमारी राज के खिलाफ धारूहेड़ा थाना में 2019 में सार्वजनिक स्थान पर शांति भंग करने का केस दर्ज हुआ था। फिलहाल यह जिला कोर्ट में विचाराधीन है। इसको लेकर अभी तक कोई फैसला नही आया है। हालांकि चुनावों को लेकर ऐसा कोई नियम नहीं है केस दर्ज प्रत्याशी चुनाव नही लड सकता है। क्योकि आजकल जेल में बैठे बैठे हत्यारे भी केस लड रहे तो राजसिंह का केस तो कुछ भी नही है।Election News
क्यों बने बागी: बता दे कवर सिंह पूर्व चेयरमैन व दिनशे मुकदम भी भाजपा की टिकट की दौड में थे। क्योंकि रावइंद्रजीत के खास कार्यकर्ताओ में दिनेश मुकदम का नाम गिना जाता है। पिछली योजना में राव साहब ने दिनेश को मनोनित पार्षद बनवाया था। इतना ही नहीं इस बार टिकट मिलने की पूरी उम्मीद थी।



