इस दिन से शुरू होगी यात्रा, कुल 1000 श्रद्धालू कर सकेंगे पवित्र स्थान के दर्शन, 10 जत्थों के रूप में जाएंगे श्रद्धालू
Kailash Mansarovar Yatra 2026 (द भारत ख़बर), नई दिल्ली : भारतीय विदेश मंत्रालय ने साल 2026 के लिए होने वाली कैलाश मानसरोवर यात्रा का शेड्यूल जारी कर दिया है। यह यात्रा जून से शुरू होगी और अगस्त तक चलेगी। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के कुल 10 जत्थे रवाना किए जाएंगे और प्रत्येक जत्थे में कुल 50 श्रद्धालु होंगे। सरकार दो मार्गों से यात्रा के लिए जत्थे भेजेगी इस तरह से कुल मिलकाकर 20 जत्थे जा सकेंगे और एक हजार श्रद्धालू इस पवित्र स्थल के दर्शन कर सकेंगे।
भारत सरकार और चीन की सरकार के आपसी सहयोग से इस यात्रा का संचालन किया जाएगा। मंत्रालय ने इस बार भी यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए व्यापक इंतजाम किए हैं। मंत्रालय के मुताबिक, पंजीकरण की अंतिम तिथि 19 मई 2026 है। समय सीमा के भीतर प्राप्त आवेदनों पर ही कंप्यूटर के माध्यम से विचार किया जाएगा।
कैलाश मानसरोवर यात्रा अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण
कैलाश मानसरोवर यात्रा हिंदू, बौद्ध, जैन और बॉन धर्मों के लिए एक अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण आध्यात्मिक तीर्थयात्रा है, जिसका इतिहास सृष्टि के आरम्भ जितना ही पुराना माना जाता है। यह यात्रा तिब्बत (चीन) में स्थित कैलाश पर्वत और मानसरोवर झील तक की जाती है, जिसे दुनिया की सबसे कठिन और श्रद्धापूर्ण यात्राओं में से एक माना जाता है। भारत-चीन सीमा विवाद के कारण लंबे समय तक यह यात्रा बाधित रही, लेकिन 1981 से इसे भारत सरकार (विदेश मंत्रालय) और चीनी सरकार के सहयोग से पुन: शुरू किया गया। वर्तमान में यह यात्रा सामान्यत: जून से सितंबर के बीच आयोजित की जाती है।
इन मार्गों से भेजे जाएंगे जत्थे
विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस साल की यात्रा के लिए कुल दो मार्गों का चयन किया गया है। पहला मार्ग उत्तराखंड राज्य से होकर गुजरता है। यहां यात्री प्रसिद्ध लिपुलेख दर्रे को पार करके तिब्बत की सीमा में प्रवेश करेंगे। उत्तराखंड मार्ग के लिए कुल 10 बैच निर्धारित किए गए हैं। प्रत्येक बैच में 50 यात्री शामिल होंगे। वहीं, दूसरा मार्ग सिक्किम राज्य से होकर जाता है। यात्री यहां नाथूला दर्रे के जरिए अपनी मंजिल तक पहुंचेंगे। सिक्किम मार्ग के लिए भी 10 बैच तय किए गए हैं। इस मार्ग पर भी प्रति बैच 50 यात्रियों को जाने की अनुमति होगी। इस प्रकार दोनों मार्गों को मिलाकर कुल 1000 यात्री इस वर्ष भोलेनाथ के दर्शन कर सकेंगे।
इस तरह होगा जाने वाले श्रद्धालुओं का चयन
विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि आवेदन से लेकर चयन तक की पूरी प्रक्रिया पूरी तरह से कंप्यूटरीकृत है। मंत्रालय ने कहा कि कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए आॅनलाइन आवेदन शुरू होने से लेकर यात्रियों के अंतिम चयन तक की पूरी प्रक्रिया पूरी तरह कंप्यूटरीकृत है। इच्छुक आवेदक आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना पंजीकरण करा सकते हैं। मंत्रालय ने आवेदकों को सलाह दी है कि वे जानकारी प्राप्त करने के लिए किसी भी प्रकार का पत्र या फैक्स न भेजें। वेबसाइट पर उपलब्ध फीडबैक विकल्प का उपयोग जानकारी प्राप्त करने, अपने विचार साझा करने या यात्रा सुधार हेतु सुझाव देने के लिए किया जा सकता है।

