केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री के बयान के बाद देश भर में लगाई जा रहीं अटकलें
Petrol-Diesel Price (द भारत ख़बर), नई दिल्ली : एक मई को पूरे देश में कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम में 993 रुपए की वृद्धि की गई है। मंत्रालय ने इस वृद्धि के पीछे पश्चिम एशिया स्थिति और होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने के कारण उपजी गैस किल्लत को बताया है। इसके साथ ही अब यह अटकलें भी सामने आई हैं कि जल्द ही देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि हो सकती है। इसके पीछे यह कारण बताया जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है। जिसके बाद तेल कंपनियों को प्रति लीटर मोटा नुकसान उठाना पड़ रहा है।
यह बोले केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी
इसी बीच भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर स्थिति बेहद अहम मोड़ पर पहुंच गई है। एक तरफ, केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने दावा किया है कि वैश्विक संकट के बावजूद भारत ने पिछले चार साल से अधिक समय तक कीमतों को स्थिर रखा है। वहीं, दूसरी ओर सरकारी सूत्रों का स्पष्ट कहना है कि खुदरा कीमतों पर लगी इस रोक के कारण तेल कंपनियों को हो रहे भारी घाटे को देखते हुए निकट भविष्य में पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने की पूरी संभावना है।
4 साल 60 दिन से कीमतें स्थिर
केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सूरत में आयोजित ‘वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस’ को संबोधित करते हुए कहा कि वैश्विक ऊर्जा बाजारों में अस्थिरता, युद्ध और होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव के बावजूद, भारत ने 4 साल और 60 दिनों से पेट्रोल-डीजल की खुदरा कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं की है। उन्होंने पड़ोसी देशों का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां ईंधन की कीमतों में 39 से 66 प्रतिशत तक की भारी वृद्धि हुई है और उन्हें किल्लत व राशनिंग जैसी स्थितियों का सामना करना पड़ा है।
मंत्री ने जोर देकर कहा कि सरकार ने घबराहट में कोई नीतिगत फैसला नहीं लिया और पूरी तरह से आर्थिक स्थिरता बनाए रखी है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल और भू-राजनीतिक तनाव के बाद, भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में जल्द ही बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
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