प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बच्चों में मोबाइल और टीवी देखने की बढ़ती लत को लेकर अपने विचार साझा किए हैं। पीएम ने शनिवार को कहा कि बच्चों के लिए स्क्रीन टाइम अब एक तरह की लत बनता जा रहा है। उन्होंने शिक्षकों से कहा कि वे बच्चों को वीडियो गेम के बजाय मैदान में खेले जाने वाले खेलों के प्रति उत्साहित करें।
खेलों के प्रति उत्सुकता जगाएं
प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार पाने वाले शिक्षकों में से एक से बातचीत के दौरान कहा कि यदि बच्चा खेलों में गहरी रुचि लेने लगे, तो वह धीरे-धीरे स्क्रीन की लत से बाहर निकल सकता है। उन्होंने कहा कि खेलों से उनका आशय वीडियो गेम से नहीं, बल्कि मैदान पर खेले जाने वाले असल खेलों से है।
#TeachersDay is about appreciating the strong contribution of teachers to our society. It is also a day to pay homage to Dr. S. Radhakrishnan.
Here is what happened when the National Teachers’ Awards winners were invited to 7, LKM yesterday…. pic.twitter.com/LtXTvHiQoQ
— Narendra Modi (@narendramodi) September 5, 2026
शिक्षा जगत के लिए संदेश
प्रधानमंत्री ने कहा कि वह पुरस्कार पाने वाले शिक्षकों से बात कर रहे हैं, लेकिन उनका संदेश पूरे शिक्षा जगत के लिए है। शिक्षकों को किताबों और सिलेबस से आगे बढ़कर बच्चों की जिंदगी से जुड़ना होगा।
बच्चों का बचपना बनाए रखें
प्रधानमंत्री ने कहा कि बच्चों का बचपन मरने नहीं देना चाहिए। उन्होंने कहा कि बचपन को बनाए रखने में शिक्षक की बड़ी भूमिका है। शिक्षक का काम यह भी है कि बच्चे के भीतर बचपन बना रहे।
रचनात्मक गतिविधियां बढ़ाएं
पीएम ने कहा कि बच्चों को जितना अधिक रचनात्मक कामों में लगाया जाएगा, उतना ही बेहतर होगा। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों को बढ़ावा देने की जरूरत है, जिनसे बच्चे रचनात्मक गतिविधियों से जुड़ें।

