Rahul Gandhi on Election Commission Row: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर राजनीतिक विवाद और तेज हो गया है। कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने चुनावी प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि CEC को पद छोड़कर मामले में गवाह बनना चाहिए। इसी बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने भी CEC ज्ञानेश कुमार को 48 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए इस्तीफे की मांग की है। पार्टी ने कहा है कि मांग पूरी नहीं होने पर देशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा।
राहुल गांधी ने CEC के इस्तीफे की मांग की
राहुल गांधी ने SIR को लेकर निर्वाचन आयोग पर सवाल उठाते हुए ज्ञानेश कुमार के तत्काल इस्तीफे की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रिया से जुड़ी गंभीर अनियमितताएं सामने आ रही हैं और CEC को पद से हटकर पूरे मामले में गवाह बनना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार को समझना चाहिए कि उनका कृत्य राष्ट्र के खिलाफ है। राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि अगर वोट खत्म कर दिया जाएगा तो संविधान भी खत्म हो जाएगा और निर्वाचन संस्था भी बेमानी हो जाएगी। यह सिर्फ वोट पर नहीं, बल्कि हर नागरिक की अभिव्यक्ति पर हमला है। इससे पूरी तरह साबित होता है कि पिछले कई चुनावों में धांधली हुई है।
10 महीने में 14 लिखित आपत्तियों की रिपोर्ट
विवाद की शुरुआत इंडियन एक्सप्रेस की उस रिपोर्ट से हुई, जिसमें दावा किया गया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार आयोग के फैसलों और प्रक्रियाओं पर औपचारिक आपत्तियां दर्ज कीं। रिपोर्ट में मतदाता नाम जोड़ने और हटाने, Form-6 में बदलाव, मतदाता सूची से संबंधित अपील और चुनावी डेटा के केंद्रीकरण जैसे मुद्दों का उल्लेख किया गया है। दोनों चुनाव आयुक्तों ने कुछ मामलों में यह सवाल उठाया कि महत्वपूर्ण निर्णयों और बदलावों के संबंध में उन्हें पर्याप्त रूप से जानकारी या परामर्श नहीं दिया गया। हालांकि निर्वाचन आयोग ने इस रिपोर्ट की व्याख्या से असहमति जताते हुए कहा कि संबंधित टिप्पणियां और सुझाव आंतरिक जांच और निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा थे और अंतिम फैसले सर्वसम्मति से लिए गए।
CJP ने 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया
इसी विवाद के बीच CJP के राष्ट्रीय संयोजक अभिजीत दिपके ने गुरुवार को दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। पार्टी ने कहा कि यदि 48 घंटे के भीतर इस्तीफा नहीं दिया गया तो वह देशव्यापी आंदोलन शुरू करेगी और दिल्ली में अनिश्चितकालीन धरना भी आयोजित किया जा सकता है। CJP ने अपने अभियान को Election Commission Thik Karo नाम दिया है। पार्टी ने SIR से जुड़े फैसलों और मतदाता सूची में हुए बदलावों को लेकर सार्वजनिक स्पष्टीकरण की मांग भी की है।

