चंडीगढ़. चंडीगढ़ में पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर एक शख्स राकेश त्रिहान ऊर्फ ‘राजा द किंग’ लगातार चर्चा में है. कहीं पेट्रोल-डीजल का लंगर, कहीं पैसों की सेवा और अब जल्द ही आईफोन का लंगर लगाने का दावा अब किया है
‘राजा द किंग’ राकेश त्रिहान मूल रूप से अमृतसर के रहने वाले राजा अब चंडीगढ़ में अपनी अलग तरह की सेवा को लेकर चर्चा में हैं. हालांकि अमृतसर में भी उनका नाम कई विवादों से जुड़ा रहा है. न्यूज़18 की टीम ने राजा द किंग से खास बातचीत की और उनके अतीत, विवादों, लंगर और चंडीगढ़ आने की वजह से लेकर भविष्य की योजनाओं तक कई तीखे सवाल किए.
सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरों और वीडियो में राजा द किंग कभी पेट्रोल-डीजल बांटते नजर आते हैं तो कभी लोगों के बीच पैसों की सेवा करते दिखाई देते हैं. दावा है कि वह अपनी कमाई का एक हिस्सा जरूरतमंद लोगों के लिए खर्च करते हैं. लेकिन सवाल ये है कि आखिर अमृतसर से चंडीगढ़ आने की जरूरत क्यों पड़ी?
राजा का कहना है कि अमृतसर में उनके अच्छे चाहने वाले भी हैं और विरोध करने वाले भी. उन्होंने वहां लंबे समय तक लंगर और सेवा की, लेकिन अब वह चंडीगढ़ आकर लोगों के बीच सेवा करना चाहते हैं.राजा से बातचीत के दौरान उनके अतीत को लेकर भी सवाल किया गया. सोशल मीडिया पर उनकी कुछ पुरानी वीडियो का हवाला देते हुए उनसे पूछा गया कि जो शख्स कभी नशे और दूसरी गतिविधियों की बात करता नजर आता था, वह आज ‘जय माता दी’ बोलते हुए लोगों के बीच लंगर बांटता क्यों नजर आ रहा है?
राजा ने अपने पुराने जीवन को लेकर दावा किया कि 2019 तक उन्होंने नशे समेत कई गलत आदतों को अपनाया हुआ था. उनके मुताबिक, इसी दौरान उनकी मुलाकात संतों से हुई और उसके बाद उनकी जिंदगी में बड़ा बदलाव आया. संतो के हाथ से उन्होंने चिलम पी और वह दिन मेरी जिंदगी का बिल्कुल बदलाव का दिन था और उसके बाद मेरी जिंदगी बदल गई जो राजा ने दावा किया.
राजा का दावा है कि उन्होंने गलत आदतों को छोड़ दिया और अब लंबे समय तक काम करने के साथ-साथ धार्मिक आस्था और सेवा के कामों में समय लगाते हैं. लेकिन राजा द किंग की कहानी सिर्फ सेवा तक सीमित नहीं है. परिवार और प्रॉपर्टी को लेकर भी उनके विवाद की चर्चा होती रही है. इस सवाल पर राजा ने आरोप लगाया कि परिवार के कुछ रिश्तेदारों ने उनकी मां को भड़काया, जिसकी वजह से परिवार में विवाद पैदा हुआ. उनका कहना है कि उन्हें उनका हिस्सा नहीं मिला था, लेकिन बाद में उन्होंने कानूनी प्रक्रिया के जरिए अपना हिस्सा हासिल किया.
राजा का कहना है कि अगर वह अपने हिस्से और अपनी कमाई से लोगों के लिए लंगर या सेवा करना चाहते हैं, तो किसी को इससे परेशानी नहीं होनी चाहिए. फिलहाल, 21, 22 और 23 अगस्त को वह लंगर नहीं लगाएंगे. राजा से उनके विवादों और अलग-अलग धर्मों को लेकर भी सवाल किया गया. इस पर उन्होंने कहा कि वह किसी धर्म के खिलाफ नहीं हैं. उनका आरोप है कि कुछ लोग जानबूझकर उनके खिलाफ विवाद खड़ा करते हैं और उन्हें बदनाम करने की कोशिश करते हैं. राजा का दावा है कि वह जिस धार्मिक आस्था को मानते हैं, उसी के आदेश और अनुमति के बाद सेवा के काम करते हैं.
न्यूज़18 की टीम ने राजा द किंग से खास बातचीत की और उनके अतीत, विवादों, लंगर और चंडीगढ़ आने की वजह से लेकर भविष्य की योजनाओं तक कई तीखे सवाल किए.
अब बात उस घटना की, जब चंडीगढ़ में बारिश के दौरान बड़ी संख्या में लोग उनके आसपास जमा हो गए थे. राजा के मुताबिक, दो दिन पहले हुई तेज बारिश के बावजूद वह लोगों के बीच जाने के लिए पैदल निकले थे. लेकिन भीड़ बढ़ने और व्यवस्था बिगड़ने की आशंका को देखते हुए पुलिस उन्हें सुरक्षा के लिहाज से थाने ले गई. राजा का कहना है कि उन्हें काफी देर तक थाने में रखा गया और अब आगे से प्रशासन की अनुमति लेने के बाद ही इस तरह की सेवा आयोजित की जाएगी.
अब सबसे बड़ा दावा—आईफोन का लंगर
राजा द किंग का कहना है कि जल्द ही आईफोन बांटने के लिए एक ग्रुप बनाया जाएगा. इसमें लोगों के नाम जोड़े जाएंगे और उनके मुताबिक, जिस व्यक्ति का नाम सबसे पहले तय प्रक्रिया के तहत आएगा, उसे आईफोन दिया जाएगा. उन्होंने यह भी दावा किया कि यह खास तौर पर लड़कियों और बच्चों को ध्यान में रखकर किया जाएगा. राजा का कहना है कि उन्होंने बड़ी संख्या में लंगर के कार्ड भी छपवाए हैं और ये कार्ड उनके लिए नहीं, बल्कि लोगों के लिए हैं. उनका साफ कहना है कि अगर चंडीगढ़ प्रशासन से उन्हें अनुमति नहीं मिलती, तो वह पंचकूला या मोहाली में सेवा आयोजित करने की कोशिश करेंगे. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे ‘राजा द किंग’ की कहानी में एक तरफ सेवा और धार्मिक आस्था के दावे हैं, तो दूसरी तरफ उनका विवादित अतीत और कई सवाल भी हैं. राजा द किंग कहते हैं कि उन्होंने क्रिप्टो में निवेश से पैसा कमाया है.

