Haryana Roadways Free Travel: रक्षाबंधन के त्योहार पर हरियाणा सरकार ने महिलाओं को बड़ी राहत दी है। प्रदेश में महिलाएं रक्षाबंधन के मौके पर हरियाणा रोडवेज की साधारण बसों में मुफ्त यात्रा कर सकेंगी। महिलाओं के साथ 15 साल तक के बच्चों को भी इसका फायदा मिलेगा। यह सुविधा कुल 36 घंटे तक लागू रहेगी, जिससे महिलाएं त्योहार पर अपने मायके और रिश्तेदारों के घर आसानी से पहुंच सकेंगी। राज्य परिवहन निदेशक कार्यालय की ओर से प्रदेश के सभी डिपो के महाप्रबंधकों को इस संबंध में आदेश जारी किए गए हैं। यह सुविधा 27 अगस्त को दोपहर 12 बजे से शुरू होकर 28 अगस्त तक लागू रहेगी।
दिल्ली और चंडीगढ़ तक सुविधा
मुफ्त यात्रा का लाभ हरियाणा राज्य के भीतर संचालित होने वाली साधारण बसों में लिया जा सकेगा। इसके अलावा चंडीगढ़ और दिल्ली तक आने-जाने वाली हरियाणा रोडवेज की साधारण बसों में भी महिलाओं और उनके साथ 15 साल तक के बच्चों से किराया नहीं लिया जाएगा। सरकार का उद्देश्य रक्षाबंधन के दौरान बढ़ने वाली यात्रियों की संख्या को देखते हुए महिलाओं को सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध कराना है। त्योहार पर बड़ी संख्या में महिलाएं अपने मायके जाती हैं, ऐसे में मुफ्त बस सेवा से उन्हें आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।
अतिरिक्त बसें चलाने के निर्देश
रक्षाबंधन पर बस अड्डों और प्रमुख रूटों पर यात्रियों की भीड़ बढ़ने की संभावना को देखते हुए परिवहन विभाग ने सभी डिपो महाप्रबंधकों को पर्याप्त संख्या में बसें संचालित करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को निश्चित करने को कहा गया है कि यात्रियों को बसों की कमी का सामना न करना पड़े। महिलाओं और अन्य यात्रियों की सुरक्षा को लेकर भी विभाग ने विशेष इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। जिला प्रशासन के साथ समन्वय कर प्रमुख बस अड्डों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा, ताकि भीड़ के दौरान व्यवस्था बनी रहे और महिलाओं को सुरक्षित आवाजाही मिल सके।
कर्मचारियों को वर्दी में रहना होगा
परिवहन विभाग ने ड्यूटी पर तैनात रोडवेज कर्मचारियों के लिए भी निर्देश जारी किए हैं। कर्मचारियों को ड्यूटी के दौरान अनिवार्य रूप से वर्दी पहननी होगी। साथ ही यात्रियों के साथ सहयोगात्मक व्यवहार सुनिश्चित करने की हिदायत दी गई है। विभाग ने मुफ्त यात्रा योजना के तहत सफर करने वाली महिलाओं और बच्चों का आंकड़ा भी जुटाने के निर्देश दिए हैं। सभी संबंधित अधिकारियों को 31 अगस्त तक लाभार्थियों का आंकड़ा इकट्ठा कर इसकी रिपोर्ट मुख्यालय भेजनी होगी।

