तीन जुलाई से शुरू होगी यात्रा, 28 अगस्त तक चलेगी
Shri Amarnath Yatra 2026 (द भारत ख़बर), जम्मू-कश्मीर : इस साल होने जा रही पवित्र श्री अमरनाथ यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन आज से शुरू हो चुके हैं। श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड ने बताया कि देश और विदेश से पहुंचने वाले लाखों श्रद्धालु देश भर में चुनी गई 554 बैंक शाखाओं में करवा सकेंगे। यह पंजीकरण पहले आओ-पहले पाओ की नीति पर आधिारित होगा। वहीं पिछले दिनों यात्रा की तारीखों की घोषणा भी कर दी गई। इस साल 57 दिन यानी की लगभग दो माह तक श्रद्धालू पवित्र गुफा के दर्शन कर सकेंगे।
पवित्र याता तीन जुलाई से शुरू होगी और 28 अगस्त तक चलेगी। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने यात्रा की जानकारी देते हुए मीडिया को बताया कि 13 से 70 साल की उम्र वाले यह यात्रा कर सकते हैं। गुफा में पहली पूजा 19 जून को ज्येष्ठ पूर्णिमा पर की जाएगी। यात्रा के लिए अनंतनाग से पारंपरिक 48 किमी लंबा नुनवान-पहलगाम रूट और गांदरबल से 14 किमी लंबा बालटाल रूट खुला रहेगा।
हर साल किया जाता है भव्य आयोजन
ज्ञात रहे कि हर साल जून के अंत से लेकर अगस्त तक श्री अमरेश्वर धाम जिसे आम बोलचाल में श्री अमरनाथ जी की पवित्र गुफा के नाम से पुकारा जाता है की पवित्र यात्रा का आयोजन किया जाता है। यात्रा को सुचारू और निर्बाध रूप से चलाने के लिए श्री अमरनाथ श्राईन बोर्ड ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।
समुद्रतल से इतनी ऊंचाई पर है पवित्र गुफा
दक्षिण कश्मीर में जिला अनंतनाग में समुद्रतल से लगभग 3888 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। इसी पवित्र गुफा में भगवान शिव ने मां पार्वती को अमरत्व की कथा सुनाई थी। यह तीर्थयात्रा गर्मियों में होती है और श्रावण पूणिमा को संपन्न होती है। श्री अमरेश्वर धाम में हिमलिंग स्वरूप में विराजमान भगवान शिव, मां पार्वती और भगवान गणेश के दर्शनार्थ देश विदेश से हर वर्ष लाखों श्रद्धालु आते हैं। प्रथम पूजा 29 जून को ज्येष्ठ पूर्णिमा पर होगी।
श्रद्धालुओं का बीमा दोगुना किया गया
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा की अध्यक्षता में हुई बैठक में तीर्थयात्रियों और सेवा प्रदाताओं का दुर्घटना बीमा 5 लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने को मंजूरी मिली। जानकारी के अनुसार, इस साल तीर्थयात्रियों को जम्मू कश्मीर की समृद्ध आध्यात्मिक विरासत और संस्कृति से अवगत कराते हुए बाबा बफार्नी को समर्पित एक लेजर एंड साउंड शो भी होगा। यह आयोजन प्रदेश की दोनों राजधानी शहरों जम्मू और श्रीनगर में होगा।
इस तरह होगा पंजीकरण
बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि इस वर्ष यात्रा परमिट आधार-आधारित बायोमीट्रिक ई-केवाईसी प्रमाणीकरण के बाद सिस्टम से एनआईसी पोर्टल पर जारी किया जाएगा। यदि प्रमाणीकरण में तकनीकी खराबी आती है तो बैंक शाखा मैनुअल फोटो और डेटा प्रविष्टि के माध्यम से पंजीकरण कर सकेगी।

